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Reading: वन स्वीकृति के इंतजार में 419 सड़क परियोजनाएं
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Himalaya Ki Awaj > Blog > उत्तराखंड > वन स्वीकृति के इंतजार में 419 सड़क परियोजनाएं
उत्तराखंड

वन स्वीकृति के इंतजार में 419 सड़क परियोजनाएं

Web Editor
Last updated: 2026/03/16 at 3:00 AM
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3 Min Read
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419 Road Projects Stuck Due to Forest0 Clearance in Uttarakhand

देहरादून, 16 March 2026। उत्तराखंड में सड़क संपर्क मजबूत करने से जुड़ी कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं वन भूमि की स्वीकृति न मिलने के कारण अटकी हुई हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की 419 सड़क परियोजनाएं वन विभाग की मंजूरी का इंतजार कर रही हैं। इनमें 356 प्रस्ताव सैद्धांतिक स्वीकृति और 83 प्रस्ताव अंतिम मंजूरी की प्रतीक्षा में लंबित हैं।
पर्वतीय राज्य उत्तराखंड में सड़कें जीवनरेखा मानी जाती हैं, लेकिन स्वीकृति प्रक्रिया की धीमी रफ्तार के कारण कई योजनाओं पर काम शुरू नहीं हो पा रहा है। सड़क सुविधा के अभाव में ग्रामीण क्षेत्रों में मरीजों को आज भी डंडी-कंडी या चारपाई के सहारे अस्पताल तक पहुंचाना पड़ता है, जिससे कई बार गंभीर हालात पैदा हो जाते हैं।
वन (संरक्षण एवं संवर्धन) अधिनियम के तहत किसी भी परियोजना को वन भूमि पर शुरू करने से पहले अनुमति लेना अनिवार्य होता है। यह प्रक्रिया दो चरणों में पूरी होती है। पहले चरण में परियोजना को सैद्धांतिक स्वीकृति मिलती है, जबकि सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद दूसरे चरण में अंतिम स्वीकृति प्रदान की जाती है। दोनों मंजूरियां मिलने के बाद ही संबंधित विभाग परियोजना पर काम शुरू कर सकता है।
हाल ही में गैरसैंण में आयोजित विधानसभा सत्र में सरकार ने स्वीकार किया कि पिछले चार वर्षों के दौरान विभिन्न विभागों की कुल 919 परियोजनाएं वन स्वीकृति के अभाव में लंबित हैं। इनमें 206 मामलों को अंतिम स्वीकृति और 713 मामलों को सैद्धांतिक स्वीकृति मिलनी बाकी है। लंबित प्रस्तावों में सबसे अधिक संख्या लोक निर्माण विभाग की परियोजनाओं की है, जिससे सड़क निर्माण कार्य सबसे अधिक प्रभावित हो रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्य में अधिकांश विकास योजनाएं किसी न किसी रूप में वन भूमि से होकर गुजरती हैं। सड़क, पेयजल, बिजली और सिंचाई जैसी बुनियादी परियोजनाएं भी वन क्षेत्र से प्रभावित होती हैं। ऐसे में स्वीकृति प्रक्रिया में देरी होने से विकास कार्यों की गति भी प्रभावित हो रही है।

बाक्स
हजारों गांव अब भी सड़क से दूर
राज्य में अभी भी बड़ी संख्या में गांव सड़क सुविधा से वंचित हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार उत्तराखंड के 20,250 गांव ऐसे हैं, जहां अब तक सड़क संपर्क नहीं पहुंच पाया है। इसके अलावा 1,150 गांवों में केवल कच्ची सड़कें हैं, जिन्हें पक्का करने की योजना बनाई गई है।

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TAGGED: Around 419 road projects of the PWD in Uttarakhand are awaiting forest clearance, delaying road connectivity and development works in the mountainous state.
Web Editor March 16, 2026
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