Dhami Vows Continued Action on Land Jihad, Presents 4-Year Report Card in Uttarakhand
देहरादून, 24 March 2026 । उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने साफ किया है कि प्रदेश में अवैध कब्जों के खिलाफ चल रहा अभियान आगे भी पूरी सख्ती के साथ जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि राज्य की सामाजिक संरचना और सांस्कृतिक पहचान से किसी भी तरह की छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
परेड ग्राउंड में सरकार के चार वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार का विस्तृत रिपोर्ट कार्ड जनता के सामने रखा। उन्होंने कहा कि सरकार ने बीते चार वर्षों में विकास, निवेश, पर्यटन और रोजगार के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है, जिससे उत्तराखंड देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार डेमोग्राफी के मुद्दे पर पूरी तरह सतर्क है और आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित एवं संतुलित उत्तराखंड सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी दोहराया कि प्रदेश में किसी भी प्रकार की अवांछित गतिविधियों को बढ़ावा नहीं दिया जाएगा।
धामी ने बताया कि राज्य में समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में ठोस पहल की गई है। इसके साथ ही नकल विरोधी कानून और सख्त धर्मांतरण कानून लागू कर पारदर्शिता और कानून व्यवस्था को मजबूत किया गया है।
अवैध कब्जों के खिलाफ कार्रवाई का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक करीब 12 हजार एकड़ भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया जा चुका है और यह अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि कानून के खिलाफ जाने वालों के साथ किसी प्रकार की ढील नहीं बरती जाएगी।
अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार “सेवा, सुशासन और जनकल्याण” के मूल मंत्र के साथ काम कर रही है। उन्होंने प्रदेशवासियों से सहयोग की अपील करते हुए विश्वास जताया कि उत्तराखंड आने वाले समय में विकास और सांस्कृतिक संरक्षण के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छुएगा।
चार साल की प्रमुख उपलब्धियां
जी-20 की तीन बैठकों का सफल आयोजन
राष्ट्रीय खेलों में पहली बार 107 पदक
शीतकालीन यात्रा और ग्लोबल समिट का आयोजन
आर्थिक विकास दर में डेढ़ गुना वृद्धि
जीडीपी में 7.3% की बढ़ोतरी
प्रति व्यक्ति आय में 41% का इजाफा
रिवर्स पलायन में 44% सुधार
होटल उद्योग में 25% और होमस्टे में 50% वृद्धि
: देवभूमि की पहचान सुरक्षित रखना प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास के साथ-साथ राज्य की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखना सरकार की सर्वोच्च जिम्मेदारी है। उन्होंने जोर दिया कि उत्तराखंड की पारंपरिक पहचान और “देवभूमि” के स्वरूप को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे और किसी भी प्रकार की अनदेखी या हस्तक्षेप को सख्ती से रोका जाएगा।




