देहरादून, 25 April 2026। पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मुख्यमंत्री आवास परिसर में शहद निकालने की प्रक्रिया का निरीक्षण किया। इस वर्ष यहां मात्र 45 दिनों में 520 किलोग्राम शहद उत्पादन कर एक उदाहरण प्रस्तुत किया गया है, जिसे राज्य में मधुमक्खी पालन के लिए प्रेरणादायक मॉडल माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के पर्वतीय और वन क्षेत्रों में शहद उत्पादन की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वन क्षेत्रों में बी-बॉक्स (मधुमक्खी बक्सों) की स्थापना के लिए ठोस और प्रभावी नीति तैयार की जाए, ताकि स्थानीय लोगों को स्वरोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत मधुमक्खी पालन को प्राथमिकता दी जाएगी और इससे जुड़े किसानों व उद्यमियों को विशेष सब्सिडी प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि मौन पालन (बी-कीपिंग) को ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जोड़कर आय बढ़ाने का सशक्त माध्यम बनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने उद्यान प्रभारी दीपक पुरोहित को निर्देशित किया कि आवास परिसर में वर्षभर शहद उत्पादन के लिए उपयुक्त पुष्पीय और परागयुक्त पौधों का रोपण किया जाए। साथ ही “थ्री-बी” (बर्ड फ्रेंडली, बी फ्रेंडली, बटरफ्लाई फ्रेंडली) गार्डन विकसित करने की दिशा में कार्य शुरू करने को कहा।
उन्होंने विश्व पर्यावरण दिवस और हरेला पर्व जैसे अवसरों पर “थ्री-बी” आधारित पौधारोपण अभियान चलाने पर भी जोर दिया। मुख्यमंत्री के अनुसार, इस तरह की पहलें न केवल पर्यावरण संरक्षण को मजबूती देंगी, बल्कि मधुमक्खी पालन और शहद उत्पादन को स्थायी रूप से बढ़ावा देकर राज्य की अर्थव्यवस्था को नई दिशा प्रदान करेंगी।
मुख्यमंत्री आवास में शहद उत्पादन का मॉडल, 45 दिन में 520 किलो उत्पादन
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