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Reading: अब ‘नॉलेज’ भी होगी GDP का हिस्सा!
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Himalaya Ki Awaj > Blog > उत्तराखंड > अब ‘नॉलेज’ भी होगी GDP का हिस्सा!
उत्तराखंड

अब ‘नॉलेज’ भी होगी GDP का हिस्सा!

Web Editor
Last updated: 2026/05/19 at 5:38 AM
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3 Min Read
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सरकार मापेगी रिसर्च, AI, डिजिटल तकनीक और पारंपरिक भारतीय ज्ञान की आर्थिक ताकत
Dehradun, 19 May 2026। अब देश की GDP सिर्फ खेत, फैक्ट्री और मशीनों से नहीं आंकी जाएगी, बल्कि “नॉलेज” यानी ज्ञान भी भारत की आर्थिक ताकत का अहम हिस्सा बनेगा। केंद्र सरकार ऐसी नई रूपरेखा तैयार कर रही है, जिसमें रिसर्च, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल तकनीक, पेटेंट, स्टार्टअप और पारंपरिक भारतीय ज्ञान के योगदान को भी GDP में शामिल करने की दिशा में काम हो रहा है।
सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने “भारतीय अर्थव्यवस्था में ज्ञान और मूर्त संसाधनों के योगदान को मापने की रूपरेखा” विषय पर एक आधार पत्र जारी किया है। इसके जरिए सरकार यह समझना चाहती है कि तेजी से बदलती अर्थव्यवस्था में “ज्ञान” देश की प्रगति में कितना योगदान दे रहा है।
दरअसल, अब दुनिया पारंपरिक अर्थव्यवस्था से आगे बढ़कर “नॉलेज इकोनॉमी” की ओर बढ़ रही है। पहले आर्थिक विकास का आधार जमीन, फैक्ट्री और पूंजी को माना जाता था, लेकिन अब डिजिटल डेटा, रिसर्च, इनोवेशन और तकनीकी कौशल नई आर्थिक ताकत बन चुके हैं। यही वजह है कि सरकार अब GDP के पारंपरिक मॉडल से आगे बढ़कर ज्ञान आधारित संसाधनों को भी मापने की तैयारी कर रही है।
इस पहल की खास बात यह है कि इसमें आधुनिक तकनीक के साथ भारत की पारंपरिक ज्ञान प्रणाली को भी महत्व दिया जाएगा। आयुर्वेद, लोक विज्ञान, पारंपरिक खेती और पीढ़ियों से चली आ रही भारतीय बुद्धिमत्ता को भी आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाएगा।
फरवरी 2025 में इस विषय पर प्रो. अजय कुमार सूद की अध्यक्षता में बैठक हुई थी, जिसके बाद एक तकनीकी सलाहकार समूह बनाया गया। सितंबर 2025 में आयोजित कार्यशाला में इस बात पर चर्चा हुई कि ज्ञान आधारित संसाधनों को किस तरह वर्गीकृत और मापा जाए।
अब रतन पी. वाटल की अध्यक्षता में गठित समिति इस विषय पर नीति पत्र तैयार करेगी। सरकार ने 15 जून 2026 तक विशेषज्ञों और आम लोगों से सुझाव मांगे हैं। माना जा रहा है कि यह पहल भारत को वैश्विक स्तर पर “नॉलेज पावर” के रूप में नई पहचान दिला सकती है।
क्या है GDP?
GDP यानी ग्रॉस डोमेस्टिक प्रोडक्ट किसी देश में एक साल के दौरान तैयार वस्तुओं और सेवाओं की कुल कीमत होती है। यह देश की आर्थिक स्थिति का सबसे बड़ा पैमाना माना जाता है। अब सरकार इसमें “ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था” की भूमिका को भी शामिल करने की दिशा में काम कर रही है।

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TAGGED: Knowledge Economy to Become Part of India GDP Framework
Web Editor May 19, 2026
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