अर्थव्यवस्था से रोजगार तक, सड़क से स्काईवे तक… हर क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ा देवभूमि उत्तराखंड
हरीश जोशी
पहाड़ों की शांत वादियों में अब विकास की नई गूंज सुनाई दे रही है। देवभूमि उत्तराखंड केवल धार्मिक पर्यटन और प्राकृतिक सौंदर्य तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अब देश के उभरते विकास मॉडल के रूप में अपनी मजबूत पहचान बना रहा है। मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami के नेतृत्व में बीते चार वर्षों में राज्य ने अर्थव्यवस्था, उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, पर्यटन और आधारभूत ढांचे के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं।
राज्य सरकार के कार्यकाल के चार वर्ष पूरे होने पर विशेष बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2022 से 2026 तक का समय उत्तराखंड के लिए परिवर्तनकारी रहा। इस दौरान विकास की ऐसी नींव रखी गई, जिसने राज्य को आत्मनिर्भरता और समृद्धि की दिशा में तेजी से आगे बढ़ाया है।
अर्थव्यवस्था ने भरी लंबी उड़ान
उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था ने पिछले चार वर्षों में रिकॉर्ड गति पकड़ी है। राज्य गठन के समय प्रदेश की अर्थव्यवस्था का आकार जहां मात्र 14 हजार 501 करोड़ रुपये था, वहीं वर्ष 2024-25 में यह बढ़कर 3 लाख 81 हजार 889 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। यानी राज्य की अर्थव्यवस्था 26 गुना तक विस्तार कर चुकी है।
इसी तरह प्रति व्यक्ति आय में भी अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की गई है। राज्य गठन के समय प्रति व्यक्ति आय जहां केवल 15 हजार 285 रुपये थी, अब यह बढ़कर 2 लाख 73 हजार 921 रुपये तक पहुंच गई है। मुख्यमंत्री ने इसे उत्तराखंड की आर्थिक मजबूती और जनता की बढ़ती क्रय क्षमता का संकेत बताया।
प्रदेश की आर्थिक विकास दर भी लगातार ऊपर जा रही है। वर्ष 2022 में जहां विकास दर 4.71 प्रतिशत थी, वहीं वर्ष 2025 में यह बढ़कर 7.23 प्रतिशत तक पहुंच गई। सरकार को उम्मीद है कि वर्ष 2026-27 में यह दर 8.2 प्रतिशत तक पहुंच सकती है। नीति आयोग द्वारा जारी एसडीजी इंडेक्स में उत्तराखंड का देश में प्रथम स्थान पर पहुंचना भी इसी विकास यात्रा की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
बजट हुआ दोगुना, बढ़ीं जन अपेक्षाएं
राज्य का बजट भी विकास की रफ्तार को दर्शा रहा है। कभी 60 हजार करोड़ रुपये के आसपास रहने वाला बजट अब 1 लाख 11 हजार करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बजट केवल सरकारी खर्च का दस्तावेज नहीं, बल्कि प्रदेश की सवा करोड़ जनता के सपनों और उम्मीदों का रोडमैप है।
रोजगार और उद्योग में नई संभावनाएं
उत्तराखंड में उद्योग और रोजगार के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) इकाइयों की संख्या 59 हजार से बढ़कर 79 हजार के पार पहुंच चुकी है। इन उद्योगों के माध्यम से लाखों युवाओं को रोजगार मिला है।
स्टार्टअप संस्कृति ने भी राज्य में नई ऊर्जा भरी है। वर्ष 2017 तक राज्य में स्टार्टअप की संख्या शून्य थी, जबकि अब यह आंकड़ा 1,750 तक पहुंच गया है। इससे युवाओं में स्वरोजगार और नवाचार की सोच मजबूत हुई है।
बड़ी औद्योगिक इकाइयों की संख्या में भी वृद्धि हुई है। सरकार का दावा है कि निवेश को बढ़ावा देने के लिए बनाई गई नीतियों का सीधा लाभ राज्य को मिल रहा है।
सड़क से स्काईवे तक बदली तस्वीर
पहाड़ी राज्य होने के बावजूद उत्तराखंड ने कनेक्टिविटी के क्षेत्र में तेजी से काम किया है। राज्य में सड़कों की कुल लंबाई बढ़कर 51 हजार किलोमीटर से अधिक हो गई है। हेलीपोर्ट की संख्या 2 से बढ़कर 7 हो चुकी है, जबकि हेलीपैड की संख्या लगभग दोगुनी होकर 118 तक पहुंच गई है।
सरकार का मानना है कि इससे न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि आपदा प्रबंधन और स्वास्थ्य सेवाओं में भी तेजी आएगी।
शिक्षा और स्वास्थ्य में सुधार
शिक्षा के क्षेत्र में स्कूल छोड़ने वाले बच्चों की संख्या में कमी आई है। प्राइमरी और माध्यमिक विद्यालयों में ड्रॉपआउट रेट में लगातार गिरावट दर्ज की गई है। डिग्री और इंजीनियरिंग कॉलेजों की संख्या बढ़ने से युवाओं को राज्य में ही बेहतर शिक्षा के अवसर मिलने लगे हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के चलते मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर में कमी आई है। राज्य में जीवन प्रत्याशा भी बढ़कर 73 वर्ष तक पहुंच गई है।
कृषि और पर्यटन बने मजबूती का आधार
कृषि क्षेत्र में भी सकारात्मक बदलाव दिखाई दे रहे हैं। गेहूं और धान की उत्पादकता में वृद्धि हुई है। औषधीय और सुगंधित खेती का क्षेत्र 900 हेक्टेयर से बढ़कर 10 हजार हेक्टेयर तक पहुंच गया है, जिससे किसानों की आय बढ़ने की उम्मीद जगी है।
पर्यटन के क्षेत्र में होटल और होमस्टे की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। इससे स्थानीय लोगों के लिए स्वरोजगार के अवसर बढ़े हैं।
ऊर्जा क्षेत्र में नई छलांग
राज्य में बिजली उत्पादन तीन गुना से अधिक बढ़ा है। वहीं सौर ऊर्जा के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय कार्य हुआ है। वर्ष 2021-22 में जहां 439 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन हो रहा था, अब यह बढ़कर 1,027 मेगावाट तक पहुंच गया है।
मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के मार्गदर्शन में राज्य सरकार रोजगार, निवेश और जनकल्याण को केंद्र में रखकर काम कर रही है। उनका कहना है कि आने वाले वर्षों में उत्तराखंड विकास, निवेश और आत्मनिर्भरता के नए कीर्तिमान स्थापित करेगा।




