मुख्यमंत्री धामी के प्रयास लाए रंग, मोदीपुरम से लक्ष्मणझूला तक हाईस्पीड आरआरटीएस कॉरिडोर की डीपीआर के लिए जल्द होगा सर्वे
Dehradun, 17 June 2026। उत्तराखंड की कनेक्टिविटी को नई उड़ान देने वाली बड़ी खबर सामने आई है। आने वाले समय में ऋषिकेश और दिल्ली के बीच हाईस्पीड नमो भारत ट्रेन दौड़ती नजर आ सकती है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर मेरठ के मोदीपुरम से ऋषिकेश के लक्ष्मणझूला तक नमो भारत (आरआरटीएस) नेटवर्क के विस्तार पर उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) के बीच सहमति बन गई है। अब इस महत्वाकांक्षी परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने के लिए जल्द सर्वे शुरू किया जाएगा।
दिल्ली से मेरठ के मोदीपुरम तक नमो भारत ट्रेन का संचालन फरवरी 2026 से शुरू हो चुका है। इसके बाद इस हाईस्पीड रेल नेटवर्क को उत्तराखंड तक बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री धामी लगातार प्रयास कर रहे थे। उन्होंने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात कर इस संबंध में प्रस्ताव भी सौंपा था। इसके बाद परियोजना को सैद्धांतिक सहमति मिल गई।
प्रस्तावित योजना के अनुसार नया रेल ट्रैक मेरठ के मोदीपुरम से शुरू होकर मुजफ्फरनगर के रास्ते उत्तराखंड में प्रवेश करेगा। इसके बाद यह रुड़की, हरिद्वार और हर की पैड़ी से होते हुए ऋषिकेश के लक्ष्मणझूला तक पहुंचेगा। करीब 150 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर में 72 किलोमीटर हिस्सा उत्तर प्रदेश और 78 किलोमीटर हिस्सा उत्तराखंड में होगा।
परियोजना को गति देने के लिए उत्तराखंड सरकार ने अपर सचिव रीना जोशी को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। एनसीआरटीसी और उत्तर प्रदेश सरकार भी इस परियोजना के लिए अपनी सहमति दे चुके हैं। अब डीपीआर तैयार करने के लिए विस्तृत सर्वे की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है।
इस हाईस्पीड ट्रेन की अधिकतम रफ्तार 160 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। इसके शुरू होने के बाद दिल्ली से ऋषिकेश की यात्रा, जो वर्तमान में सड़क मार्ग से पांच से छह घंटे लेती है, घटकर महज ढाई से तीन घंटे रह जाएगी।
चारधाम यात्रा, गंगा दर्शन और योग नगरी ऋषिकेश आने वाले लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। साथ ही उत्तराखंड और दिल्ली-एनसीआर के बीच आवागमन पहले से कहीं अधिक तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक हो जाएगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह परियोजना उत्तराखंड के विकास, पर्यटन और रोजगार को नई गति देगी तथा राज्य की परिवहन व्यवस्था में एक ऐतिहासिक बदलाव साबित होगी।




