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Himalaya Ki Awaj > Blog > उत्तराखंड > आधार की अड़चन से नहीं रुकेगी पात्रों की पेंशन, वैकल्पिक भुगतान व्यवस्था के निर्देश
उत्तराखंड

आधार की अड़चन से नहीं रुकेगी पात्रों की पेंशन, वैकल्पिक भुगतान व्यवस्था के निर्देश

Web Editor
Last updated: 2026/09/04 at 5:03 PM
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4 Min Read
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Dehradun, 04 September 2026। सामाजिक सुरक्षा पेंशन का लाभ लेने वाले पात्र लोगों के लिए आधार से जुड़ी तकनीकी दिक्कत अब पेंशन में बाधा नहीं बनेगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को ऐसे पात्र लाभार्थियों को चिह्नित करने के निर्देश दिए हैं, जिनका किसी कारण से आधार नहीं बन पा रहा है या आधार संबंधी समस्या के चलते पेंशन भुगतान प्रभावित हो रहा है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि आधार संबंधी समस्या के कारण किसी भी पात्र व्यक्ति को सामाजिक सुरक्षा पेंशन से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। ऐसे मामलों में अकाउंट बेस्ड पेमेंट की वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।

मुख्यमंत्री धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में समाज कल्याण विभाग की विभिन्न सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के तहत अगस्त माह की पेंशन किस्त का वन-क्लिक के माध्यम से भुगतान किया। इस दौरान प्रदेश के 9 लाख 91 हजार 914 लाभार्थियों के बैंक खातों में 147 करोड़ पांच लाख 51 हजार रुपये की धनराशि हस्तांतरित की गई। साथ ही अगस्त में विभिन्न योजनाओं के तहत 5,605 नए लाभार्थियों की पेंशन भी स्वीकृत की गई है।

इस पेंशन राशि से वृद्धावस्था, विधवा, दिव्यांग, किसान, परित्यक्ता समेत विभिन्न पात्र वर्गों को नियमित आर्थिक सहायता मिलती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता समाज के कमजोर, जरूरतमंद और वंचित वर्गों को सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराना है। पेंशन स्वीकृत करने के साथ यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि लाभार्थी को निर्धारित समय पर उसके खाते में राशि मिले।

तकनीकी अड़चनें दूर करने पर फोकस

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को पेंशन योजनाओं के संचालन में सामने आने वाली व्यावहारिक समस्याओं का संवेदनशीलता के साथ समाधान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दस्तावेज, आधार या अन्य तकनीकी कारणों से किसी पात्र व्यक्ति का भुगतान प्रभावित नहीं होना चाहिए। पेंशन व्यवस्था को सरल, पारदर्शी और लाभार्थी केंद्रित बनाने के साथ पात्र लोगों को योजनाओं से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएं।

प्रस्तुतीकरण में बताया गया कि अगस्त माह में वृद्धावस्था, विधवा, दिव्यांग, किसान, परित्यक्ता, भरण-पोषण अनुदान, तीलू रौतेली और बौना पेंशन योजनाओं के कुल 9,91,914 लाभार्थियों के लिए 147 करोड़ पांच लाख 51 हजार रुपये की धनराशि निर्धारित की गई। इनमें 2,14,711 लाभार्थी राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम के अंतर्गत और 7,77,203 लाभार्थी राज्य स्तर पर आच्छादित हैं। अगस्त के भुगतान में करीब 140 करोड़ 11 लाख रुपये राज्यांश और 6 करोड़ 94 लाख रुपये केंद्रांश शामिल है।

अगस्त में 5,605 नई पेंशन स्वीकृत

अगस्त माह में कुल 5,605 नए लाभार्थियों को पेंशन की मंजूरी दी गई। इनमें 3,945 वृद्धावस्था, 1,000 विधवा, 416 दिव्यांग, 106 किसान, 23 परित्यक्ता और 115 भरण-पोषण अनुदान के लाभार्थी शामिल हैं।

बैठक में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की ओर से 18 और 19 सितंबर को नई दिल्ली में प्रस्तावित दो दिवसीय राष्ट्रीय विभागीय शिखर सम्मेलन की तैयारियों की जानकारी भी दी गई।

इस अवसर पर समाज कल्याण मंत्री खजानदास, सचिव समाज कल्याण डॉ. श्रीधर बाबू अद्दांकी, अपर सचिव विक्रम यादव, संयुक्त सचिव धीरेंद्र सिंह, संयुक्त निदेशक गीताराम नौटियाल, सहायक निदेशक हेमलता पांडेय समेत विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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