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Himalaya Ki Awaj > Blog > उत्तराखंड > हरतालिका तीज अब सरकारी स्तर पर भी मनाएगा उत्तराखंड
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हरतालिका तीज अब सरकारी स्तर पर भी मनाएगा उत्तराखंड

Web Editor
Last updated: 2026/09/06 at 4:46 PM
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3 Min Read
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Dehradun, 06 September 2026। हरितालिका तीज को व्यापक पहचान और सरकारी मंच देने की दिशा में उत्तराखंड सरकार ने पहल की है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घोषणा की कि भविष्य में हरितालिका तीजोत्सव का आयोजन सरकारी स्तर पर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि महिलाओं को आर्थिक, सामाजिक और अधिकारों की दृष्टि से सशक्त बनाना राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

रविवार को जसवंत सिंह ग्राउंड, गढ़ी कैंट में आयोजित गोर्खाली महिला हरितालिका तीज उत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला सशक्तीकरण महज सरकारी योजनाओं तक सीमित नहीं है। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाकर परिवारों को मजबूत करने के साथ प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी गति दी जा सकती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने महिलाओं को सरकारी सेवाओं में 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिया है। वहीं, समान नागरिक संहिता के माध्यम से महिलाओं के अधिकारों को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।

गोर्खाली समाज के योगदान को सराहा

धामी ने उत्तराखंड की विकास यात्रा में गोर्खाली समाज की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि वीरता, राष्ट्रभक्ति, निष्ठा और परिश्रम इस समाज की पहचान हैं। देश की सीमाओं की रक्षा में गोर्खा वीरों ने अदम्य साहस और शौर्य का परिचय दिया है। शिक्षा, खेल, कला-साहित्य और समाजसेवा समेत विभिन्न क्षेत्रों में भी समाज का योगदान उल्लेखनीय है।

उन्होंने बताया कि मसूरी विधानसभा क्षेत्र में अमर शहीद कप्तान दल बहादुर थापा की स्मृति में ‘आजाद हिंद फौज शहीद द्वार’ का शिलान्यास किया गया है। यह द्वार गोर्खा समाज के शौर्य और बलिदान की स्मृति को जीवंत रखने के साथ नई पीढ़ी को प्रेरणा देगा।

संस्कृति की धरोहर हैं महिलाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरितालिका तीज माता पार्वती की तपस्या, विश्वास, समर्पण और शक्ति का प्रतीक है। ऐसे पर्व महिलाओं की शक्ति और संकल्प को रेखांकित करने के साथ नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और जड़ों से जोड़ते हैं। उन्होंने कहा कि माताएं और बहनें भाषा, लोक परंपराओं, संस्कारों और सांस्कृतिक विरासत की प्रमुख संरक्षक हैं।

तीन लाख से अधिक ‘लखपति दीदी’

धामी ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार और आर्थिक आत्मनिर्भरता से जोड़ा जा रहा है। प्रदेश में तीन लाख से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं। ये महिलाएं परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के साथ राज्य की अर्थव्यवस्था में भी योगदान दे रही हैं।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, आचार्य बालकृष्ण, गीता पुष्कर धामी, गोर्खाली सुधार सभा के अध्यक्ष पदम सिंह थापा, आयोजन समिति अध्यक्ष प्रभा शाह, गोरखा कल्याण परिषद की अध्यक्ष ज्योति कोटिया समेत अन्य लोग मौजूद रहे।

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