By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Himalaya Ki AwajHimalaya Ki Awaj
  • उत्तराखंड
  • करियर
  • राजनीती
  • पर्यटन
  • क्राइम
  • देश-विदेश
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्पोर्ट्स
  • स्वास्थ्य
  • वीडियो न्यूज़
Search
  • Advertise
© 2023 Himalaya Ki Awaj. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs
Reading: साइबर क्राइम:अब बैंक को पता चल जाएँगे जोखिम वाले अकाउंट 
Share
Notification Show More
Latest News
उत्तराखंड में आधुनिक अर्बन ट्रांसपोर्ट सिस्टम को मिलेगी रफ्तार, रोप-वे और ई-बस नेटवर्क होगा मजबूत
उत्तराखंड
तीन दिन में उपनल कर्मियों से अनुबंध करें, नहीं तो विभागाध्यक्ष की एसीआर पर पड़ेगा असर: मुख्य सचिव
उत्तराखंड
तेज बारिश में नंदा की चौकी में नए पुल की एप्रोच रोड क्षतिग्रस्त, यातायात रोका गया
उत्तराखंड
भारी बारिश के बीच भूस्खलन का खतरा: दो दिन के लिए चारधाम यात्रा रोकी 
Uncategorized
MDDA : अवैध निर्माणों पर शिकंजा, देहरादून और ऋषिकेश में दो निर्माण सील
उत्तराखंड
Aa
Himalaya Ki AwajHimalaya Ki Awaj
Aa
  • पर्यटन
  • राजनीती
Search
  • उत्तराखंड
  • करियर
  • राजनीती
  • पर्यटन
Follow US
  • Advertise
© 2023 Himalaya Ki Awaj. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs
Himalaya Ki Awaj > Blog > देश-विदेश > साइबर क्राइम:अब बैंक को पता चल जाएँगे जोखिम वाले अकाउंट 
देश-विदेश

साइबर क्राइम:अब बैंक को पता चल जाएँगे जोखिम वाले अकाउंट 

Web Editor
Last updated: 2025/09/26 at 1:19 AM
Web Editor
Share
3 Min Read
SHARE

India Cuts 28.4 Million Fake Mobile Connections to Strengthen Cybercrime Prevention

 

Contents
India Cuts 28.4 Million Fake Mobile Connections to Strengthen Cybercrime Preventionक्या बदलेगा — और कैसे रुकेगा साइबर क्राइम?क्या हासिल हुआ  और भविष्य में क्या संभव है?

नई दिल्ली, 26 सितंबर 2025 ; क्या आप जानते हैं: सरकार ने पहले ही 2.84 करोड़ फ़र्जी मोबाइल कनेक्शनों की पहचान कर डिस्कनेक्ट करवा दी है — और अब यही अनुभव भविष्य की बड़ी ढाल बनकर उभर रहा है। दूरसंचार विभाग और वित्तीय खुफिया इकाई-भारत (FIU-IND) के बीच आज हुए ऐतिहासिक एमओयू ने इस लड़ाई को और धार दी है।

देश के डिजिटल नक्शे पर धाँधली करने वालों के लिए अब मुश्किलें बढ़ने वाली हैं , क्योंकि मोबाइल नंबरों की पहचान और वित्तीय डेटा अब एक साथ जुड़कर धोखेबाज़ों को पहले से कहीं तेज़ी से ट्रैप करेगी।

दूरसंचार सचिव डॉ. नीरज मित्तल ने कहा — “यह केवल शुरुआत है; विभागीय सीमाएँ पार करके एक-दूसरे से सीखना ही असली जीत है।” राजस्व सचिव अरविंद श्रीवास्तव ने जोड़ा — “टेक्नोलॉजी-संचालित यह साझेदारी सटीकता और त्वरितता लेकर आएगी, जिससे डेटा का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा।”

फ़र्जी मोबाइल नंबरों के बड़े पैमाने पर खुलासे और अब वित्तीय-खुफिया का साथ मिलने से धोखाधड़ी करने वालों के पास बचने की जगह कम रहती जा रही है। जब नेटवर्क-लेवल खुफिया और बैंक-लेवल विश्लेषण एक ही स्क्रीन पर आ जाएँ, तो अपराधियों के लिए फ़िजिकल और डिजिटल दोनों रास्ते बंद हो जाते हैं।
नतीजा — नागरिकों के डिजिटल वॉलेट और बैंकिंग खाते सुरक्षित होंगे, और धोखाधड़ी का रास्ता पहले से कहीं ज्यादा संकरा।

 

 

क्या बदलेगा — और कैसे रुकेगा साइबर क्राइम?

  • रियल-टाइम जोखिम फलक: संदिग्ध नंबरों को तुरंत “मध्यम/उच्च/बहुत-उच्च” रिस्क लेबल मिलेगा — यानी धोखाधड़ी का संभावित झटका होने से पहले ही अलार्म।
  • फ़ौरन कनेक्शन कटौती: दूरसंचार विभाग की MNRL (मोबाइल नंबर निरस्तीकरण सूची) में दर्ज कटौतियों का डेटा FIU-IND के साथ ऑटोमैटिक रूप से साझा होगा — जो संदिग्ध नंबरों को नेटवर्क से बाहर कर देगा।
  • बैंकों को रेड-फ्लैग: वित्तीय संस्थाएँ लेन-देन के दौरान तुरंत यह देख सकेंगी कि किस मोबाइल नंबर से जुड़े खाते उच्च जोखिम पर हैं, और जरूरी रोक-थाम लागू कर सकेंगी।
  • टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल: DIU के डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफ़ॉर्म और FIU-IND के FinNex 2.0 जैसे पोर्टल से जानकारी तेज, सुरक्षित और संरचित तरीके से आदान-प्रदान होगी।

क्या हासिल हुआ  और भविष्य में क्या संभव है?

  • पहले से की गई कार्रवाई से 48 लाख संदिग्ध लेन-देन रोके गए, जिससे लगभग ₹140 करोड़ की संभावित हानि टली।
  • 2.84 करोड़ फ़र्जी कनेक्शन काटे जा चुके हैं — अब यह अनुभव और डेटा FIU-IND के साथ मिलकर धोखाधड़ी के नमूनों की पहचान और पैटर्न-एनालिसिस को और सशक्त बनाएगा।
  • अगला कदम: एक संयुक्त कार्यसमूह जिसकी नज़र खासकर मुखौटा कंपनियों, मनी-म्यूल नेटवर्क और अंतरराष्ट्रीय स्पूफिंग गतिविधियों पर होगी।

 

You Might Also Like

बुजुर्गों के लिए भी बहुतहै रोजगार के मौके 

अब टोल प्लाजा नहीं जाना पड़ेगा, मोबाइल ऐप पर घर बैठे बनेगा डिजिटल लोकल पास

जमानत पर छूटते ही रेप के आरोपी ने पीड़िता और अपने बीवी बच्चों समेत किए छह कत्ल 

केतन हत्याकांड में नया मोड़: सगाई के बाद प्रेमी से गुपचुप शादी का दावा

सिया को सोनम केस’ से मिली साजिश की पटकथा?

TAGGED: and protect citizens’ wallets., India’s DoT and FIU-IND sign a landmark MoU to fight cybercrime and financial fraud. With 28.4 million fake mobile numbers already disconnected, secure digital payments, the partnership will boost real-time fraud detection
Web Editor September 25, 2025
Share this Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Share
Previous Article चित्रकूट के मैदान में हुई पहली रामलीला
Next Article हरिद्वार कुंभ 2027 : जल्द होगी नोडल अधिकारियों की तैनाती 
Leave a comment Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

https://himalayakiawaj.com/wp-content/uploads/2026/02/WhatsApp-Video-2025-04-22-at-7.39.16-PM-1.mp4
https://himalayakiawaj.com/wp-content/uploads/2026/02/WhatsApp-Video-2025-04-22-at-7.39.16-PM.mp4

Stay Connected

100 Followers Like
100 Followers Follow
100 Followers Follow
100 Subscribers Subscribe
4.4k Followers Follow
- Advertisement -
Ad imageAd image

Latest News

उत्तराखंड में आधुनिक अर्बन ट्रांसपोर्ट सिस्टम को मिलेगी रफ्तार, रोप-वे और ई-बस नेटवर्क होगा मजबूत
उत्तराखंड July 29, 2026
तीन दिन में उपनल कर्मियों से अनुबंध करें, नहीं तो विभागाध्यक्ष की एसीआर पर पड़ेगा असर: मुख्य सचिव
उत्तराखंड July 29, 2026
तेज बारिश में नंदा की चौकी में नए पुल की एप्रोच रोड क्षतिग्रस्त, यातायात रोका गया
उत्तराखंड July 28, 2026
भारी बारिश के बीच भूस्खलन का खतरा: दो दिन के लिए चारधाम यात्रा रोकी 
Uncategorized July 28, 2026

Recent Posts

  • उत्तराखंड में आधुनिक अर्बन ट्रांसपोर्ट सिस्टम को मिलेगी रफ्तार, रोप-वे और ई-बस नेटवर्क होगा मजबूत
  • तीन दिन में उपनल कर्मियों से अनुबंध करें, नहीं तो विभागाध्यक्ष की एसीआर पर पड़ेगा असर: मुख्य सचिव
  • तेज बारिश में नंदा की चौकी में नए पुल की एप्रोच रोड क्षतिग्रस्त, यातायात रोका गया
  • भारी बारिश के बीच भूस्खलन का खतरा: दो दिन के लिए चारधाम यात्रा रोकी 
  • MDDA : अवैध निर्माणों पर शिकंजा, देहरादून और ऋषिकेश में दो निर्माण सील

साथियों, ये है हिमालय की आवाज. आप सोच रहे होंगे कि इतने पोर्टल के बीच एक और पोर्टल. इसमें क्या अलग है. यूं तो इसमें भी खबर ही होंगी, लेकिन साथ ही होगी हिमालय की आवाज यानी अपनी माटी, अपने गांव गली और चौक की बात. जल-जंगल और जमीन की बात भी. पहाड़ के विकास के लिए हम दमदार आवाज बनेंगे. आप सभी शुभचिंतकों के सहयोग का आकांक्षी. : किरण शर्मा, संस्‍थापक

Most Viewed Posts

  • मक्‍की की वजह से पर्यटन के नक्‍शे पर आया यह गांव (6,554)
  • राज्य में 12 पी माइनस थ्री पोलिंग स्टेशन बनाए गए (6,406)
  • टिहरी राजपरिवार के पास 200 करोड से अधिक की संपत्ति (4,894)
  • कम मतदान प्रतिशत वाले बूथों पर जनजागरूकता में जुटा चुनाव आयोग (4,824)
  • प्रधानमंत्री माेदी और गृह मंत्री शाह जल्‍द आएंगे उत्‍तराखंड (4,633)
Himalaya Ki AwajHimalaya Ki Awaj
Follow US

© 2023 Himalaya Ki Awaj. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?