By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Himalaya Ki AwajHimalaya Ki Awaj
  • उत्तराखंड
  • करियर
  • राजनीती
  • पर्यटन
  • क्राइम
  • देश-विदेश
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्पोर्ट्स
  • स्वास्थ्य
  • वीडियो न्यूज़
Search
  • Advertise
© 2023 Himalaya Ki Awaj. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs
Reading: पर्यटन उद्योग को 65% कोटा, कमर्शियल सिलेंडरों की नई व्यवस्था लागू
Share
Notification Show More
Latest News
ग्राम सभाओं में सरकारी भूमि की होगी जांच 
Uncategorized
अब बिना निशान होगी थायरॉयड सर्जरी, श्री महंत इंदिरेश अस्पताल में शुरू हुई आधुनिक सुविधा
Uncategorized
घटती खेती ने बढ़ाया पलायन, पहाड़ के गांव तेजी से हो रहे खाली
उत्तराखंड
देवभूमि में सड़क पर नमाज पढ़ने की अनुमति नहीं : धामी
उत्तराखंड
वनाग्नि पर सख्त सरकार, फॉरेस्ट गार्ड के 1000 पदों पर होगी भर्ती
उत्तराखंड
Aa
Himalaya Ki AwajHimalaya Ki Awaj
Aa
  • पर्यटन
  • राजनीती
Search
  • उत्तराखंड
  • करियर
  • राजनीती
  • पर्यटन
Follow US
  • Advertise
© 2023 Himalaya Ki Awaj. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs
Himalaya Ki Awaj > Blog > Uncategorized > पर्यटन उद्योग को 65% कोटा, कमर्शियल सिलेंडरों की नई व्यवस्था लागू
Uncategorized

पर्यटन उद्योग को 65% कोटा, कमर्शियल सिलेंडरों की नई व्यवस्था लागू

Web Editor
Last updated: 2026/03/17 at 5:48 AM
Web Editor
Share
3 Min Read
SHARE

Uttarakhand Allocates 65% Commercial Gas Cylinders to Tourism Sector Amid Supply Revival

देहरादून, 17 मार्च 2026। उत्तराखंड में लंबे समय से चल रही कमर्शियल गैस सिलेंडरों की कमी के बीच अब आपूर्ति बहाल करने के साथ ही शासन ने नया कोटा निर्धारण लागू कर दिया है। इस नई व्यवस्था में सबसे अधिक फायदा पर्यटन उद्योग को मिला है, जिसे कुल मिलाकर करीब 65 प्रतिशत सिलेंडरों का आवंटन किया गया है।
सरकार द्वारा जारी एसओपी के अनुसार प्रतिदिन 2650 कमर्शियल सिलेंडर वितरित किए जाएंगे। इनमें रेस्तरां और ढाबों के लिए 37 प्रतिशत तथा होटल और रिजॉर्ट के लिए 28 प्रतिशत कोटा तय किया गया है। इस तरह पर्यटन और उससे जुड़े आतिथ्य क्षेत्र को प्राथमिकता देते हुए कुल 65 प्रतिशत सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे राज्य के पर्यटन कारोबार को राहत मिलने की उम्मीद है।
अन्य क्षेत्रों के लिए भी अलग-अलग कोटा निर्धारित किया गया है। फार्मास्यूटिकल और लाइफ सेविंग सेवाओं को 7 प्रतिशत सिलेंडर दिए जाएंगे, ताकि जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित न हों। सरकारी और अर्द्धसरकारी संस्थानों तथा औद्योगिक कैंटीनों के लिए 6 प्रतिशत, छात्रावासों के लिए 6 प्रतिशत, जबकि उद्योगों और लघु उद्योगों को 5 प्रतिशत सिलेंडर आवंटित किए गए हैं। इसके अलावा छात्र सहायता समूहों के प्रशिक्षण कार्यों के लिए भी 5 प्रतिशत सिलेंडरों का प्रावधान किया गया है।
शासन ने जिलावार वितरण का खाका भी स्पष्ट कर दिया है। राजधानी देहरादून को सबसे अधिक 31 प्रतिशत सिलेंडर मिलेंगे, जो राज्य के प्रमुख पर्यटन और प्रशासनिक केंद्र होने के कारण महत्वपूर्ण है। हरिद्वार और नैनीताल को 13-13 प्रतिशत आवंटन दिया गया है, जबकि ऊधमसिंह नगर को 9 प्रतिशत हिस्सा मिला है।
पहाड़ी जिलों में चमोली को 6 प्रतिशत और रुद्रप्रयाग को 5 प्रतिशत सिलेंडर दिए जाएंगे। टिहरी, पौड़ी, उत्तरकाशी और अल्मोड़ा को 4-4 प्रतिशत आवंटन मिला है। वहीं सीमांत जिलों पिथौरागढ़ को 3 प्रतिशत तथा बागेश्वर और चंपावत को 2-2 प्रतिशत सिलेंडरों का कोटा निर्धारित किया गया है।
नई व्यवस्था से एक ओर जहां पर्यटन उद्योग को बड़ा संबल मिलेगा, वहीं अन्य जरूरी क्षेत्रों के लिए भी संतुलित आपूर्ति सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया है। सरकार का मानना है कि इससे गैस संकट पर नियंत्रण के साथ ही आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।

You Might Also Like

ग्राम सभाओं में सरकारी भूमि की होगी जांच 

अब बिना निशान होगी थायरॉयड सर्जरी, श्री महंत इंदिरेश अस्पताल में शुरू हुई आधुनिक सुविधा

किशोरी को बंधक बना सामूहिक दुष्कर्म, एक गिरफ्तार

चारधाम यात्रा : पीएम मोदी के ‘पांच मूल मंत्र’

केदारनाथ के कपाट खुलते ही शिखर पर आस्था, उमड़े भक्त सीएम ने किए दर्शन

TAGGED: and restaurants as supply resumes across the state., prioritizing hotels, resorts, Uttarakhand government allocates 65% of commercial gas cylinders to tourism sector
Web Editor March 17, 2026
Share this Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Share
Previous Article कुंभ मेला 2027 की तैयारियों की सीएम ने की समीक्षा, समयबद्ध कार्य पूरे करने के निर्देश
Next Article पीएनजी उपभोक्ताओं को एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करना होगा, केंद्र का बड़ा फैसला
Leave a comment Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

https://himalayakiawaj.com/wp-content/uploads/2026/02/WhatsApp-Video-2025-04-22-at-7.39.16-PM-1.mp4
https://himalayakiawaj.com/wp-content/uploads/2026/02/WhatsApp-Video-2025-04-22-at-7.39.16-PM.mp4

Stay Connected

100 Followers Like
100 Followers Follow
100 Followers Follow
100 Subscribers Subscribe
4.4k Followers Follow
- Advertisement -
Ad imageAd image

Latest News

ग्राम सभाओं में सरकारी भूमि की होगी जांच 
Uncategorized May 26, 2026
अब बिना निशान होगी थायरॉयड सर्जरी, श्री महंत इंदिरेश अस्पताल में शुरू हुई आधुनिक सुविधा
Uncategorized May 24, 2026
घटती खेती ने बढ़ाया पलायन, पहाड़ के गांव तेजी से हो रहे खाली
उत्तराखंड May 22, 2026
देवभूमि में सड़क पर नमाज पढ़ने की अनुमति नहीं : धामी
उत्तराखंड May 22, 2026

Recent Posts

  • ग्राम सभाओं में सरकारी भूमि की होगी जांच 
  • अब बिना निशान होगी थायरॉयड सर्जरी, श्री महंत इंदिरेश अस्पताल में शुरू हुई आधुनिक सुविधा
  • घटती खेती ने बढ़ाया पलायन, पहाड़ के गांव तेजी से हो रहे खाली
  • देवभूमि में सड़क पर नमाज पढ़ने की अनुमति नहीं : धामी
  • वनाग्नि पर सख्त सरकार, फॉरेस्ट गार्ड के 1000 पदों पर होगी भर्ती

साथियों, ये है हिमालय की आवाज. आप सोच रहे होंगे कि इतने पोर्टल के बीच एक और पोर्टल. इसमें क्या अलग है. यूं तो इसमें भी खबर ही होंगी, लेकिन साथ ही होगी हिमालय की आवाज यानी अपनी माटी, अपने गांव गली और चौक की बात. जल-जंगल और जमीन की बात भी. पहाड़ के विकास के लिए हम दमदार आवाज बनेंगे. आप सभी शुभचिंतकों के सहयोग का आकांक्षी. : किरण शर्मा, संस्‍थापक

Most Viewed Posts

  • मक्‍की की वजह से पर्यटन के नक्‍शे पर आया यह गांव (6,205)
  • राज्य में 12 पी माइनस थ्री पोलिंग स्टेशन बनाए गए (6,069)
  • टिहरी राजपरिवार के पास 200 करोड से अधिक की संपत्ति (4,573)
  • कम मतदान प्रतिशत वाले बूथों पर जनजागरूकता में जुटा चुनाव आयोग (4,464)
  • प्रधानमंत्री माेदी और गृह मंत्री शाह जल्‍द आएंगे उत्‍तराखंड (4,339)
Himalaya Ki AwajHimalaya Ki Awaj
Follow US

© 2023 Himalaya Ki Awaj. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?