Dehradun,20 May 2026: देहरादून के नेहरू कॉलोनी क्षेत्र स्थित एक निजी अस्पताल में मंगलवार को हुए दर्दनाक हादसे ने सभी को झकझोर दिया। अस्पताल के आईसीयू में लगे एसी में अचानक ब्लास्ट होने से आग लग गई, जिसकी चपेट में आकर वेंटिलेटर पर भर्ती एक बुजुर्ग महिला की मौत हो गई। हादसे के बाद अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई और धुएं से पूरा आईसीयू भर गया।
घटना रिस्पना पुल के पास स्थित पेनेसिया अस्पताल की है। पुलिस के अनुसार कंट्रोल रूम से सूचना मिलते ही थाना नेहरू कॉलोनी पुलिस मौके पर पहुंची। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आईसीयू में लगे एसी में ब्लास्ट होने के बाद आग तेजी से फैल गई। उस समय आईसीयू में कई मरीज भर्ती थे।
आग लगने के साथ ही आईसीयू धुएं और जहरीली गैस से भर गया। इस दौरान अस्पताल स्टाफ और मरीजों में चीख-पुकार मच गई। पुलिसकर्मियों ने बिना समय गंवाए राहत और बचाव अभियान शुरू किया। धुएं और गैस के बीच पुलिस टीम ने अंदर घुसकर मरीजों को बाहर निकाला।
हालांकि, इस हादसे में 60 वर्षीय वीरवती को बचाया नहीं जा सका। वह पहले से वेंटिलेटर सपोर्ट पर थीं और आग तथा धुएं की चपेट में आने से उनकी मौत हो गई। वीरवती देहरादून के कांवली-बल्लीवाला क्षेत्र की निवासी थीं। अस्पताल में मौजूद लोगों के अनुसार हादसे के बाद आईसीयू का दृश्य बेहद भयावह था।
घटना में कुल 10 लोग घायल हुए हैं। कई मरीजों को सांस लेने में तकलीफ होने लगी, जिसके बाद उन्हें तत्काल कैलाश अस्पताल और अन्य अस्पतालों में भर्ती कराया गया। राहत और बचाव कार्य में जुटे तीन पुलिसकर्मी भी धुएं और गैस की चपेट में आ गए, जिनकी तबीयत बिगड़ने पर उन्हें भी उपचार के लिए भर्ती कराया गया।
घायल पुलिसकर्मियों में यातायात विभाग के अपर उप निरीक्षक नरेंद्र कुमार, कांस्टेबल बृजमोहन रावत और कांस्टेबल बृजमोहन कनवासी शामिल हैं।
घटना की सूचना मिलते ही एसएसपी देहरादून और एसपी सिटी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और घायलों के उपचार की जानकारी ली। पुलिस ने अस्पताल प्रशासन से भी हादसे के संबंध में जानकारी जुटानी शुरू कर दी है।
इस हादसे ने निजी अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आईसीयू जैसे संवेदनशील वार्ड में एसी ब्लास्ट से लगी आग ने एक जिंदगी छीन ली, जबकि कई अन्य मरीजों की जान खतरे में पड़ गई।




