Kedarnath, 20 May 2026। Kedarnath Temple यात्रा मार्ग पर मंगलवार आधी रात को तेज बारिश और भूस्खलन के बीच बड़ा राहत एवं बचाव अभियान चलाया गया। सोनप्रयाग-गौरीकुंड पैदल मार्ग पर तीन स्थानों पर मलबा आने से यात्रा अचानक बाधित हो गई, लेकिन प्रशासन, पुलिस और राहत एजेंसियों की तत्परता से करीब 10 हजार श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया।
मंगलवार देर रात मौसम अचानक बिगड़ गया। लगातार तेज बारिश के कारण यात्रा मार्ग पर कई जगह पहाड़ी से पत्थर और मलबा गिरने लगा। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल यात्रियों की आवाजाही रोक दी। मार्ग पर फंसे श्रद्धालुओं में अफरा-तफरी का माहौल बन गया, लेकिन राहत एजेंसियों ने तेजी से मोर्चा संभाल लिया।
सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ और डीडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंच गईं। अंधेरा, बारिश और पहाड़ी रास्तों की कठिन परिस्थितियों के बावजूद पूरी रात राहत अभियान चलाया गया। प्रशासनिक टीमों ने यात्रियों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए लगातार पैदल गश्त की और मार्ग पर निगरानी बनाए रखी।
जिलाधिकारी Vishal Mishra ने पूरी रात वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हालात की निगरानी करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए मार्ग जल्द सुचारु करने के निर्देश दिए।
प्रशासन की सक्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि भारी बारिश और भूस्खलन के बावजूद करीब 30 मिनट में पैदल यात्रियों के लिए अस्थायी आवाजाही बहाल कर दी गई। इसके बाद फंसे श्रद्धालुओं को चरणबद्ध तरीके से सुरक्षित निकाला गया।
बुधवार सुबह मौसम साफ होने के बाद जेसीबी मशीनों की मदद से मार्ग पर जमा मलबा हटाया गया और यात्रा मार्ग को फिर से सुचारु कर दिया गया। प्रशासन ने यात्रियों से मौसम को देखते हुए सतर्क रहने और जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
आधी रात बारिश-भूस्खलन के बीच चला रेस्क्यू, 10 हजार श्रद्धालुओं को सुरक्षित निकाला
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