Karnpryag, 28 May 2026। उत्तराखंड के जंगलों में धधक रही आग अब सिर्फ वन संपदा ही नहीं, बल्कि इंसानी जिंदगी को भी निगलने लगी है। चमोली जिले के कर्णप्रयाग क्षेत्र में जंगल की आग की चपेट में आने से एक महिला की दर्दनाक मौत हो गई। महज दो सप्ताह के भीतर वनाग्नि से मौत की यह दूसरी बड़ी घटना है, जिसने पहाड़ में बढ़ते खतरे और वन विभाग की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार आदिबद्री तहसील के बूंगा गांव निवासी 51 वर्षीय सुरेशी देवी मंगलवार शाम करीब सात बजे अपनी गोशाला की ओर जा रही थीं। इसी दौरान पास के जंगल में लगी आग तेज हवाओं और आंधी के चलते अचानक बेकाबू हो गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और गोशाला के आसपास तक पहुंच गई। इससे पहले कि सुरेशी देवी खुद को बचा पातीं, वह आग की चपेट में आ गईं और गंभीर रूप से झुलस गईं।
ग्रामीणों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया और अस्पताल ले जाने के लिए रवाना हुए, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि जंगलों में कई दिनों से आग धधक रही थी, लेकिन समय रहते उस पर प्रभावी नियंत्रण नहीं पाया जा सका।
आदिबद्री चौकी प्रभारी अनिल आगरी ने बताया कि बूंगा गांव के जंगल में आग लगी हुई थी। तेज हवाओं के कारण आग तेजी से फैली और गोशाला तक पहुंच गई। इसी दौरान महिला उसकी चपेट में आ गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है।
वहीं धनपुर रेंज गौचर के रेंजर नवल किशोर नेगी ने बताया कि देर रात ग्रामीणों से घटना की सूचना मिली, जिसके बाद वन विभाग की टीम को मौके पर भेजा गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बूंगा वन पंचायत क्षेत्र में किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा आग लगाई गई थी। तेज हवा के कारण आग ने भयावह रूप ले लिया और रिहायशी क्षेत्र तक पहुंच गई। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले चमोली जिले के बिरही क्षेत्र में भी जंगल की आग बुझाने गए एक फायर वॉचर की चट्टान से गिरकर मौत हो गई थी। उस घटना के बाद भी वनाग्नि नियंत्रण को लेकर सवाल उठे थे। अब बूंगा गांव की घटना ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि जंगलों में फैल रही आग अब गांवों और लोगों की जिंदगी तक पहुंच चुकी है।
प्रदेश में लगातार बढ़ती गर्मी, सूखे जंगल और तेज हवाओं के कारण वनाग्नि की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते प्रभावी रोकथाम और निगरानी व्यवस्था मजबूत नहीं की गई तो आने वाले दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं।




