सहसपुर के कल्याणपुर में बड़ी कार्रवाई, सीसी सड़क और प्लॉटिंग के निशान मिटाए
Dehradun, 19 june 2026। राजधानी देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में अवैध कॉलोनियों के खिलाफ मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने सख्त रुख अपनाते हुए गुरुवार को बड़ी कार्रवाई की। सहसपुर के कल्याणपुर क्षेत्र में करीब 50 बीघा भूमि पर विकसित की जा रही एक अवैध कॉलोनी पर बुलडोजर चलाकर प्लॉटिंग के लिए किए गए निर्माण कार्य ध्वस्त कर दिए गए।
एमडीडीए के अनुसार नया हाईवे, कल्याणपुर क्षेत्र में भू-स्वामी जैद रफी द्वारा बड़े पैमाने पर भूमि की प्लॉटिंग की जा रही थी। मौके पर प्लॉटों का सीमांकन किया गया था और कॉलोनी के भीतर आवागमन के लिए सीसी सड़क का निर्माण भी कराया गया था। जांच में पता चला कि पूरी प्रक्रिया विकास प्राधिकरण की स्वीकृति के बिना की जा रही थी।
प्राधिकरण की टीम ने निरीक्षण के दौरान पाया कि भूमि को आवासीय कॉलोनी के रूप में विकसित करने की तैयारी लगभग पूरी हो चुकी थी। उत्तराखण्ड नगर योजना एवं विकास अधिनियम के प्रावधानों के उल्लंघन का मामला सामने आने पर एमडीडीए ने संबंधित भू-स्वामी के खिलाफ वाद दर्ज किया। नियमानुसार कार्रवाई पूरी होने के बाद गुरुवार को प्रवर्तन दल, पुलिस बल और अधिकारियों की मौजूदगी में अवैध प्लॉटिंग से जुड़ी संरचनाओं को ध्वस्त कर दिया गया।
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि विकास क्षेत्र में अवैध निर्माण और अवैध प्लाटिंग किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा के अनुरूप सुनियोजित और नियमानुसार विकास सुनिश्चित करना प्राधिकरण की प्राथमिकता है। कल्याणपुर की कार्रवाई उन लोगों के लिए स्पष्ट संदेश है जो नियमों को दरकिनार कर कॉलोनियां विकसित करने का प्रयास कर रहे हैं।
प्राधिकरण के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि देहरादून और आसपास के विकास क्षेत्रों में अवैध निर्माण गतिविधियों की लगातार निगरानी की जा रही है। जहां भी बिना अनुमति निर्माण या प्लाटिंग की सूचना मिल रही है, वहां तत्काल जांच और कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी ऐसे मामलों में किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
एमडीडीए ने आम नागरिकों और निवेशकों से अपील की है कि किसी भी भूखंड या कॉलोनी में निवेश करने से पहले उसकी वैधानिक स्थिति और स्वीकृतियों की जांच अवश्य कर लें। बिना स्वीकृति विकसित की गई कॉलोनियों में निवेश भविष्य में कानूनी और प्रशासनिक परेशानियों का कारण बन सकता है।
प्राधिकरण का कहना है कि राजधानी क्षेत्र में अनियोजित विकास को रोकने और सुनियोजित शहरी व्यवस्था बनाए रखने के लिए अवैध कॉलोनियों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।




