Dehradun, 19 June 2026। उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों को आधुनिक रेल नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना को दिसंबर 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है। शुक्रवार को मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन और रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष के बीच हुई उच्चस्तरीय बैठक में परियोजना की प्रगति और राज्य में रेल संपर्क विस्तार से जुड़े विभिन्न प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में बताया गया कि चारधाम यात्रा और पर्वतीय क्षेत्रों की कनेक्टिविटी के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरी करने के लिए तेजी से कार्य किया जा रहा है। मुख्य सचिव ने ऋषिकेश-उत्तरकाशी रेल लाइन परियोजना की डीपीआर को शीघ्र स्वीकृति देने और इसे राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा प्रदान करने का अनुरोध किया, ताकि इसकी पूरी लागत केंद्र सरकार वहन कर सके। इसके साथ ही टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन की डीपीआर को भी जल्द मंजूरी देने की मांग उठाई गई।
बैठक में हरिद्वार-देहरादून रेल मार्ग के दोहरीकरण पर भी विशेष जोर दिया गया। रेलवे बोर्ड ने जानकारी दी कि हरिद्वार-मोतीचूर-रायवाला खंड के दोहरीकरण को मंजूरी मिल चुकी है, जबकि रायवाला से देहरादून तक दोहरीकरण के लिए सर्वे कराया जाएगा। मुख्य सचिव ने वर्ष 2033 के कुंभ मेले को देखते हुए इस कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने की आवश्यकता बताई।
इसके अलावा मेरठ-ऋषिकेश आरआरटीएस कॉरिडोर, रायवाला में वायाडक्ट निर्माण, मोटरेबल एस्केप टनल तथा आगामी कुंभ के लिए दीर्घकालिक रेलवे योजना पर भी चर्चा हुई। बैठक में देहरादून रेलवे स्टेशन के आधुनिकीकरण और हर्रावाला स्टेशन के भावी विकास कार्यों की जानकारी भी साझा की गई। राज्य सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से उत्तराखंड में पर्यटन, तीर्थाटन और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।




