Almora,05 August 2026। सल्ट क्षेत्र के डभरा सौराल गांव में नवविवाहिता शालिनी देवी की बाघ के हमले में दर्दनाक मौत के बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। कार्बेट टाइगर रिजर्व (सीटीआर) से सटे इस गांव में लोगों ने शव उठाने से साफ इनकार कर दिया और हिंसक वन्यजीव को तत्काल हटाने की मांग को लेकर घंटों प्रदर्शन किया। हालात इतने तनावपूर्ण रहे कि देर रात तक ग्रामीणों और प्रशासन के बीच वार्ता चलती रही। आखिरकार वन विभाग द्वारा हिंसक वन्यजीव के निस्तारण की अनुमति मिलने और कार्रवाई का भरोसा दिए जाने के बाद ग्रामीण शांत हुए।
सोमवार सुबह घोड़ीधार तोक निवासी रवींद्र सिंह नेगी की 21 वर्षीय पत्नी शालिनी देवी घर से करीब 30 मीटर दूर खेत में गोबर डालने गई थीं। इसी दौरान घात लगाए बैठे हिंसक वन्यजीव ने उन पर हमला कर दिया और उन्हें करीब दो किलोमीटर दूर मोहान के जंगल की ओर घसीट ले गया। करीब ढाई घंटे की तलाश के बाद ग्रामीणों और वन विभाग की टीम ने उनका क्षत-विक्षत शव बरामद किया। इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत और आक्रोश फैल गया।
ग्रामीणों का कहना था कि क्षेत्र में लंबे समय से बाघ और गुलदार की गतिविधियां बढ़ रही हैं, लेकिन वन विभाग ने समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए। इसी नाराजगी के चलते लोगों ने शव उठाने से इनकार कर दिया और पहले हिंसक वन्यजीव के खिलाफ ठोस कार्रवाई की मांग पर अड़ गए। सूचना मिलने पर डीएफओ दीपक सिंह, एसडीएम रिंकू बिष्ट और एसडीओ काकुल पुंडीर मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन कई घंटों तक कोई सहमति नहीं बन सकी।
वार्ता के दौरान वन विभाग ने मृतका के परिजनों को तत्काल 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई। वहीं ग्रामीणों की मांग पर जिलाधिकारी अंशुल सिंह की सहमति से पोस्टमार्टम गांव में ही कराने का निर्णय लिया गया, जिसके लिए रानीखेत से चिकित्सकों की टीम बुलाई गई।
पहले ट्रैंकुलाइज करने की होगी कोशिश
डीएफओ दीपक सिंह ने बताया कि मानव-वन्यजीव संघर्ष की गंभीर स्थिति को देखते हुए वन्यजीव प्रतिपालक से हिंसक वन्यजीव के निस्तारण, पिंजरा लगाने और विशेष अभियान चलाने की अनुमति प्राप्त कर ली गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभाग की पहली प्राथमिकता बाघ को ट्रैंकुलाइज कर सुरक्षित पकड़ने की रहेगी। यदि यह संभव नहीं हुआ तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। इसी आश्वासन के बाद रात करीब पौने आठ बजे ग्रामीण शव उठाने पर राजी हुए, हालांकि देर रात साढ़े 11 बजे तक अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच वार्ता जारी रही।
लैब करेगी हमलावर की पहचान
वन विभाग ने शव से मिले लार और बालों के नमूने सुरक्षित कर देहरादून स्थित प्रयोगशाला भेजने का निर्णय लिया है। वैज्ञानिक जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हमला बाघ ने किया था या गुलदार ने। फिलहाल पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है और ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि स्थायी समाधान नहीं निकला तो आंदोलन फिर तेज किया जाएगा।




