Dehradun, 19 August 2026। पीपलकोटी के हाट-सियासैण, मायापुर में टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में 13 अगस्त को पानी रिसने और भूस्खलन के बाद शुरू हुआ लगभग 117 घंटे लंबा रेस्क्यू अभियान मंगलवार को पूरा हो गया। करीब पांच दिन तक चले इस चुनौतीपूर्ण अभियान में रेस्क्यू टीमों ने टनल में फंसे और लापता सभी प्रभावित श्रमिकों को बाहर निकाल लिया। हादसे में 12 श्रमिकों को सकुशल बाहर निकाला गया, जबकि 10 श्रमिकों की मौत हो गई।
हादसे के बाद शुरुआती सूचना में करीब 22 श्रमिकों के टनल में फंसे होने की जानकारी मिली थी। इसके बाद जिला प्रशासन की निगरानी में पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, आईटीबीपी, सेना, डीडीआरएफ, सीआईएसएफ, टीएचडीसी समेत विभिन्न एजेंसियों की टीमें मौके पर पहुंचीं। टनल के भीतर पानी और मलबा रेस्क्यू अभियान की सबसे बड़ी चुनौती बना रहा।
अभियान के दौरान पानी की निकासी, मलबा हटाने और संभावित स्थानों पर सघन सर्च के साथ फंसी मशीनरी को भी बाहर निकालने का काम चलता रहा। सक्शन पंप समेत आधुनिक उपकरणों की मदद से टनल में जमा पानी निकालकर रेस्क्यू टीमों ने अंदरूनी हिस्सों तक पहुंच बनाई। कठिन परिस्थितियों में भी टीमें लगातार दिन-रात अभियान में जुटी रहीं।
रेस्क्यू के शुरुआती चरण में 19 श्रमिकों को बाहर निकाला गया, जिनमें 12 घायल और सात मृत श्रमिक शामिल थे। इसके बाद सर्च अभियान जारी रहा। 17 अगस्त को एक और श्रमिक को बाहर निकाला गया, जबकि 18 अगस्त को अभियान के अंतिम दिन दो और श्रमिकों के शव बरामद किए गए। इसके साथ ही टनल में फंसे और लापता सभी प्रभावित श्रमिकों की तलाश पूरी कर ली गई।
जिलाधिकारी गौरव कुमार ने पूरे अभियान की लगातार निगरानी की और विभिन्न रेस्क्यू एजेंसियों के बीच समन्वय बनाए रखा। बाहर निकाले गए घायल श्रमिकों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई। करीब 117 घंटे तक चले इस अभियान में कठिन भौगोलिक परिस्थितियों, पानी और मलबे के बीच रेस्क्यू टीमों की लगातार कोशिशों के बाद अभियान को पूर्ण किया गया।
रेस्क्यू अभियान में आईटीबीपी जोशीमठ व गौचर, सेना जोशीमठ, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, डीडीआरएफ, सीआईएसएफ, पुलिस, जिला प्रशासन और टीएचडीसी की टीमों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रशासन के अनुसार सभी प्रभावित श्रमिकों को टनल से बाहर निकालने के साथ अभियान अब समाप्त कर दिया गया है।




