Dehradun, 21 july 2026 । उत्तराखंड के पहाड़ी और ग्रामीण उत्पादों को स्थानीय बाजार से निकालकर बड़े बाजार तक पहुंचाने की कवायद तेज हो गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून के आईटी पार्क में राज्य स्तरीय विपणन केंद्र स्थापित करने की घोषणा की है। इस केंद्र के माध्यम से पहाड़ के पारंपरिक उत्पादों को बेहतर बाजार, ब्रांडिंग और बिक्री का मंच उपलब्ध कराने की योजना है। मुख्यमंत्री ने मुख्य सेवक सदन में मुख्यमंत्री उद्यमशाला का शुभारंभ करते हुए 39 महिला उद्यमियों को सम्मानित भी किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में उद्यमिता को बढ़ावा देना और स्थानीय उत्पादों को बाजार से जोड़ना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। मुख्यमंत्री उद्यमशाला के माध्यम से अब तक प्रदेश में 13 हजार से अधिक उद्यमियों को सहयोग दिया जा चुका है। वहीं, आठ हजार से अधिक महिला उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों की सदस्यों को उद्यमिता व आजीविका के अवसरों से जोड़ा गया है।
उन्होंने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के साथ गांवों में रोजगार के अवसर पैदा करना सरकार का लक्ष्य है। कार्यक्रम में ग्रामीण आजीविका मिशन की पुस्तक व वार्षिक रिपोर्ट के साथ कृषि क्लस्टर, बाल आहार और एनीमिया रोकथाम से संबंधित मॉड्यूल का लोकार्पण भी किया गया।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री भरत चौधरी, गणेश जोशी, खजान दास, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक उमेश शर्मा काऊ, सविता कपूर, सचिव ग्राम्य विकास धीराज गर्ब्याल समेत संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
कलेक्शन सेंटर से बाजार तक मजबूत होगी कड़ी
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में ग्रामीण हाट, विपणन केंद्र, कलेक्शन सेंटर और एग्री सर्विस सेंटर जैसी व्यवस्थाओं को लगातार मजबूत किया जा रहा है। इनका उद्देश्य किसानों और ग्रामीण उद्यमियों को उनके उत्पादों के लिए बेहतर बाजार और उचित मूल्य उपलब्ध कराना है। बाजार से सीधा जुड़ाव होने से स्थानीय उत्पादों की बिक्री बढ़ने के साथ गांवों में आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।
पांच लाख से अधिक महिलाएं एसएचजी से जुड़ीं
धामी ने बताया कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत प्रदेश में पांच लाख से अधिक ग्रामीण महिलाओं को 70 हजार से अधिक स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा गया है। इनमें से तीन लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बनने में सफल हुई हैं। महिलाएं पहाड़ी मसाले, मंडुवा, झंगोरा, दालें, शहद, अचार, जैम, हस्तशिल्प और ऊनी उत्पादों को कारोबार में बदल रही हैं।
‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ बनेगा पहचान
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने के लिए ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ अंब्रेला ब्रांड तैयार किया गया है। सरकार का प्रयास है कि उत्तराखंड का उत्पाद खरीदने वाले व्यक्ति को उसमें पहाड़ की मेहनत, संस्कृति, परंपरा और मिट्टी की खुशबू का अहसास हो।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण उद्यमिता का मकसद केवल आय बढ़ाना नहीं, बल्कि गांवों में रोजगार के अवसर पैदा कर पलायन को रोकना भी है। प्रदेश के सभी 13 जिलों में उद्यमशाला चौपाल आयोजित की जा रही हैं। वहीं, प्रचार वैन के जरिए ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं और उद्यमिता के अवसरों की जानकारी गांव-गांव पहुंचाई जा रही है।
दून में खुलेगा राज्य स्तरीय विपणन केंद्र, पहाड़ी उत्पादों को मिलेगा बड़ा बाजार
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