Dehradun, 05 october 2026। पहाड़ी क्षेत्रों में कुक्कुट पालन को बढ़ावा देने और ग्रामीणों की आय बढ़ाने के लिए राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण फैसला लिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में पहाड़ के कुक्कुट पालकों को मुर्गियों के दाने यानी फीड पर सब्सिडी देने को मंजूरी दी गई। योजना से करीब 2000 कुक्कुट पालकों को लाभ मिलने की उम्मीद है। इसके लिए सरकार करीब दो करोड़ रुपये की सहायता देगी।
पहाड़ी क्षेत्रों में कुक्कुट पालकों के लिए फीड की लागत बड़ी चुनौती है। मैदानी क्षेत्रों की तुलना में पहाड़ों तक दाना पहुंचाने में अधिक परिवहन खर्च आता है। इससे उत्पादन लागत बढ़ने के साथ पालकों का मुनाफा प्रभावित होता है। सब्सिडी मिलने से फीड की लागत का बोझ कम होगा और छोटे पालकों को कारोबार बढ़ाने में मदद मिलेगी।
डीबीटी के माध्यम से मिलेगी सहायता
सरकार की ओर से दी जाने वाली सब्सिडी की राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के वेलफेयर अकाउंट में भेजी जाएगी। इससे सहायता राशि के वितरण में पारदर्शिता बनी रहेगी और पात्र कुक्कुट पालकों को सीधे लाभ मिलेगा। सरकार को उम्मीद है कि इससे पहाड़ी गांवों में कुक्कुट पालन को स्वरोजगार के बेहतर विकल्प के रूप में बढ़ावा मिलेगा।
तीन विभागों में बढ़ेगा समन्वय
कैबिनेट ने पशुपालन, मत्स्य और डेयरी विकास विभागों के बीच समन्वय मजबूत करने से जुड़ा फैसला भी लिया है। इसके तहत तीनों विभागों के समन्वय से जुड़े डायरेक्टर जनरल के पद को अपग्रेड करने की मंजूरी दी गई है। इसका उद्देश्य योजनाओं के संचालन और प्रशासनिक कार्यों में बेहतर तालमेल स्थापित करना है। इससे तीनों क्षेत्रों से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आने की उम्मीद है।
पहाड़ के 2000 कुक्कुट पालकों को फीड पर मिलेगी सब्सिडी दो करोड़ रुपये की सहायता डीबीटी से सीधे खातों में पहुंचेगी
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