देहरादून : अभी चमोली के लापता आबकारी अधिकारी दुर्गेश्वर त्रिपाठी का मामला सुर्खियों में था और पुलिस तलाश कर रही थी कि शासन ने अधिकारी को आबकारी आयुक्त कार्यालय से अटैच कर लिया है। .शराब के ठेके के आवंटन को लेकर डीएम चमोली तिवारी व आबकारी अधिकारी त्रिपाठी की जंग में शासन ने कदम उठा ही लिया। प्रमुख सचिव आबकारी एल फ़नई ने आबकारी अधिकारी दुर्गेश्वर कुमार त्रिपाठी को निलंबित न करते हुए तत्काल आबकारी आयुक्त हरीश चंद्र सेमवाल के कार्यालय से सम्बद्ध कर दिया।
हालांकि, दुर्गेश्वर त्रिपाठी ने डीएम पर अभद्र व्यवहार का आरोप लगाते हुए तबादले की मांग की थी। अब नये आदेश के बाद चमोली जिले के आबकारी अधिकारी देहरादून के आबकारी आयुक्त कार्यालय से सम्बद्ध रहेंगे। इस विवाद के बाद आबकारी विभाग के बड़े अधिकारी भी कठघरे में खड़े हैं। डीएम संदीप तिवारी को बायपास कर सीधे दो ठेकों में आवंटन कर देने के बाद सिस्टम पर भी सवाल उठने लगे हैं।
डीएम ने आबकारी अधिकारी के निलंबन की संस्तुति की थी। साथ ही 31 मार्च से गायब चल रहे आबकारी अधिकारी की गुमशुदगी की रिपोर्ट भी गोपेश्वर थाने में दर्ज की गई है। 29 मार्च को ठेके के आवंटन के बाद आबकारी अधिकारी न कार्यालय ही आये और न ही कुंड स्थित अपने घर में मिले। यह गुमशुदगी भी हैरान करने वाली है।




