UPCL Board Meeting Focuses on Transparency, Public Connect, and Technology Integration
देहरादून, 10 अक्टूबर 2025 (सू. ब्यूरो) — उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली सेवाएँ और पारदर्शी प्रशासन देने के उद्देश्य से सचिवालय में शुक्रवार को मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में उत्तराखण्ड पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) की 125वीं बोर्ड बैठक आयोजित हुई। बैठक में ऊर्जा निगमों के कार्यप्रणाली सुधार, विजिलेंस मैकेनिज्म, तकनीकी नवाचार और वित्तीय अनुशासन को लेकर कई अहम निर्णय लिए गए।
मुख्य सचिव ने कहा कि जनता से सीधे जुड़े बिजली प्रोजेक्ट्स की गुणवत्ता और समयबद्धता पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि अगले वित्तीय वर्ष का बजट फरवरी-मार्च तक बोर्ड से स्वीकृत किया जाए ताकि योजनाओं का क्रियान्वयन समय पर शुरू हो सके। साथ ही, प्रोजेक्ट्स की लागत घटाने और सस्ते ऋण प्राप्त करने के लिए वित्तीय एजेंसियों से लगातार संवाद बनाए रखने को कहा।
बैठक में यूपीसीएल, यूजेवीएनएल और पिटकुल—तीनों ऊर्जा निगमों में विजिलेंस मैकेनिज्म लागू करने के निर्देश दिए गए। मुख्य सचिव ने सचिव (विजिलेंस) के साथ बैठक कर शीघ्र पारदर्शी निगरानी प्रणाली विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था उपभोक्ता हितों की रक्षा और अनियमितताओं की रोकथाम में कारगर साबित होगी।
मुख्य सचिव ने 1 जनवरी 2026 से यूपीसीएल में ईआरपी सिस्टम लागू करने के निर्देश देते हुए कहा कि इससे उपभोक्ताओं को ऑनलाइन सेवाएँ अधिक सुलभ होंगी और कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी। उन्होंने त्रैमासिक प्रदर्शन समीक्षा को अनिवार्य बताते हुए कहा कि इससे निगमों की प्रगति का आंकलन और सुधार की दिशा तय की जा सकेगी।
नई तकनीकों के प्रयोग पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी तकनीक को अपनाने से पहले सीमित स्तर पर उसका परीक्षण किया जाए ताकि विफल प्रयोगों से नुकसान से बचा जा सके। उन्होंने सभी निगमों से पेशेवर दृष्टिकोण अपनाने और परियोजनाओं के लिए टेक्नो-इकोनॉमिक फीजीबिलिटी परीक्षण सुनिश्चित करने को कहा।
बैठक में प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम, स्वतंत्र निदेशक पराग गुप्ता, बी.पी. पाण्डेय, अपर सचिव डॉ. अहमद इकबाल, यूपीसीएल के एमडी अनिल यादव, यूजेवीएनएल के एमडी संदीप सिंघल और पिटकुल के एमडी पी.सी. ध्यानी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।




