चंपावत,19 April 2026: में शनिवार को एक दर्दनाक हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज के वार्षिक खेलकूद कार्यक्रम के पहले ही दिन गोरल चौड़ मैदान में सुरक्षा चूक के चलते एक छात्र की जान चली गई। जैवलिन थ्रो (भाला फेंक) के अभ्यास के दौरान हुआ यह हादसा खेल आयोजनों में सुरक्षा मानकों की गंभीर अनदेखी को उजागर करता है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मैदान में एक साथ अलग-अलग खेल गतिविधियां चल रही थीं। कुछ छात्र फुटबॉल का अभ्यास कर रहे थे, जबकि दूसरी ओर जैवलिन थ्रो की तैयारी चल रही थी। इसी दौरान एक छात्र द्वारा फेंका गया भाला अनियंत्रित होकर फुटबॉल खेल रहे 20 वर्षीय सोमेंद्र सिंह बोहरा को जा लगा। भाला उनके कंधे के पास गर्दन में गहराई तक धंस गया, जिससे वह मौके पर ही गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना के तुरंत बाद अफरा-तफरी मच गई। साथी छात्र और मौजूद लोग उन्हें आनन-फानन में जिला अस्पताल ले गए, लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों का कहना है कि चोट बेहद गंभीर थी—भाला गर्दन के पास धंसने से अत्यधिक रक्तस्राव हुआ और संभवतः श्वसन तंत्र प्रभावित होने से ऑक्सीजन की आपूर्ति रुक गई, जो जानलेवा साबित हुई।
मृतक सोमेंद्र सिंह बोहरा, रीठा साहिब क्षेत्र के मछियाड गांव के निवासी थे। वह चंपावत के जूप वार्ड में अपनी बुआ के घर रहकर पॉलिटेक्निक में द्वितीय वर्ष की पढ़ाई कर रहे थे। उनके पिता भूपाल सिंह बोहरा गुजरात में नौकरी करते हैं और घटना की सूचना मिलते ही घर के लिए रवाना हो गए हैं। परिवार में इस खबर से कोहराम मचा हुआ है।
इस हादसे के बाद कॉलेज प्रशासन की लापरवाही पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। बताया जा रहा है कि संस्थान में नियमित खेल शिक्षक तक नहीं है और बिना प्रशिक्षित निगरानी के ही खेल गतिविधियां संचालित की जा रही थीं। एक ही मैदान में बिना सुरक्षा घेराबंदी के अलग-अलग खेलों का अभ्यास कराना सीधे तौर पर जोखिम भरा साबित हुआ।
स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने इस घटना को प्रशासनिक लापरवाही करार देते हुए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है। वहीं, पुलिस ने पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।
यह हादसा एक बड़ी चेतावनी है कि खेल आयोजनों में सुरक्षा मानकों से समझौता कितना घातक हो सकता है।




