Badrinath, 22 April 2026। हिमालय की गोद में बसे बद्रीनाथ धाम अब एक नए रूप में आकार ले रहा है, जहां आधुनिक सुविधाएं और सनातन आस्था का अद्भुत संगम दिखाई देगा। बद्रीनाथ मास्टर प्लान के तहत चल रहे विकास कार्यों ने इस पवित्र धाम को भव्य, दिव्य और अत्याधुनिक स्वरूप देने की दिशा में तेजी पकड़ ली है।
इसी कड़ी में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को बीआरओ गेस्ट हाउस में मास्टर प्लान के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। पीपीटी प्रस्तुतीकरण के माध्यम से उन्हें धाम में चल रही परियोजनाओं, उनकी प्रगति, तकनीकी पहलुओं और आगामी कार्ययोजना की जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री ने हर पहलू पर गहराई से चर्चा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
अधिकारियों ने बताया कि मास्टर प्लान के अंतर्गत आधारभूत ढांचे को मजबूत करने, यात्री सुविधाओं के विस्तार, आवागमन को सुगम बनाने और अत्याधुनिक सुविधाएं विकसित करने जैसे कई महत्वपूर्ण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। धाम में पार्किंग, पेयजल, स्वच्छता, आवास और यात्री प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए व्यापक स्तर पर काम किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पूरा मास्टर प्लान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी विजन के अनुरूप तैयार किया गया है, जिसका उद्देश्य बद्रीनाथ को एक विश्वस्तरीय तीर्थस्थल के रूप में विकसित करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास के इस नए स्वरूप में आधुनिकता तो होगी, लेकिन धाम की आध्यात्मिकता, परंपरा और प्राकृतिक सौंदर्य से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्य समयबद्ध, पारदर्शी और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं। साथ ही सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें, ताकि परियोजनाओं में किसी प्रकार की देरी न हो। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि तीर्थयात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और सहज अनुभव को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बद्रीनाथ धाम का विकास केवल बुनियादी ढांचे तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक ऐसा प्रयास है, जिसमें श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक शांति के साथ आधुनिक सुविधाओं का अनुभव भी मिले। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि धाम के पारंपरिक स्वरूप को संरक्षित रखते हुए ही विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जाए।
आज बद्रीनाथ धाम एक नए युग की ओर बढ़ रहा है, जहां आस्था की गहराई और आधुनिकता की ऊंचाई एक साथ दिखाई देगी। मास्टर प्लान के पूर्ण होने के बाद यह धाम न केवल श्रद्धालुओं के लिए अधिक सुविधाजनक बनेगा, बल्कि विश्व पटल पर एक आदर्श तीर्थस्थल के रूप में भी अपनी पहचान और मजबूत करेगा।




