उत्तराखंड में अक्टूबर से शुरू होगा जनगणना का दूसरा चरण, पहाड़ी राज्यों के लिए केंद्र की विशेष व्यवस्था
देहरादून, 28 April 2026। देशभर में प्रस्तावित जनगणना के दूसरे चरण की शुरुआत जहां 1 मार्च 2027 से की जानी है, वहीं उत्तराखंड में यह प्रक्रिया इससे पहले, 1 अक्टूबर 2026 से शुरू होगी। केंद्र सरकार ने राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों और मौसम संबंधी चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए यह विशेष व्यवस्था लागू की है, ताकि दुर्गम क्षेत्रों में भी जनगणना का कार्य सुचारु रूप से पूरा किया जा सके।
जनगणना का दूसरा चरण, जिसे जनसंख्या गणना भी कहा जाता है, सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। इस चरण में प्रत्येक परिवार से विस्तृत जानकारी एकत्र की जाती है, जिसमें सामाजिक-आर्थिक स्थिति, शिक्षा, रोजगार, प्रवासन और अन्य पहलुओं से जुड़े आंकड़े शामिल होते हैं। इस बार विशेष रूप से जातिगत आंकड़ों का संकलन भी इसी चरण में किया जाएगा, जिससे सरकार को समाज की संरचना का व्यापक और अद्यतन डेटा मिल सकेगा।
हिमालयी राज्यों जैसे उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, लद्दाख और जम्मू-कश्मीर में सर्दियों के दौरान भारी बर्फबारी के कारण कई दूरस्थ क्षेत्र लंबे समय तक संपर्क से कट जाते हैं। ऐसे में पारंपरिक समय पर जनगणना कराना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। इसी कारण केंद्र ने इन राज्यों में सितंबर-अक्टूबर 2026 के दौरान यह प्रक्रिया संचालित करने का निर्णय लिया है। उत्तराखंड के लिए जनगणना का मानक क्षण 1 अक्टूबर की मध्यरात्रि निर्धारित किया गया है, जिसके आधार पर राज्य की जनसंख्या और अन्य आंकड़ों का निर्धारण किया जाएगा।
इस बार जनगणना को तकनीकी रूप से अधिक आधुनिक और पारदर्शी बनाया गया है। ‘जनगणना प्रबंधन एवं निगरानी प्रणाली’ (CMMS) पोर्टल के माध्यम से केंद्र से लेकर जिला स्तर तक अधिकारी रियल टाइम में प्रगति की निगरानी कर सकेंगे। मोबाइल आधारित डेटा संग्रह, डिजिटल मैपिंग और स्व-गणना जैसी सुविधाओं से प्रक्रिया तेज और सटीक बनने की उम्मीद है।
बॉक्स:
144 साल पुराना है जनगणना का इतिहास
भारत में जनगणना की शुरुआत वर्ष 1865-1872 के बीच हुई थी, जबकि 1881 में पहली बार व्यवस्थित और नियमित जनगणना कराई गई। इसके बाद हर दस साल में यह प्रक्रिया जारी रही। हालांकि कोविड-19 महामारी के चलते 2021 की जनगणना समय पर नहीं हो सकी। अब जनगणना 2027 इस श्रृंखला की अगली कड़ी होगी।
बॉक्स:
देश की 16वीं और आजादी के बाद आठवीं जनगणना
जनगणना 2027 देश की 16वीं और स्वतंत्रता के बाद की 8वीं जनगणना होगी। यह पूरी तरह डिजिटल और तकनीक आधारित होगी, जिसमें मोबाइल ऐप के जरिए डेटा संग्रह किया जाएगा और CMMS पोर्टल के माध्यम से इसकी निगरानी की जाएगी।
उत्तराखंड में अक्टूबर से शुरू होगा जनगणना का दूसरा चरण,144 साल पुराना है जनगणना का इतिहास
Leave a comment
Leave a comment




