Dehradun, 19 july 2026। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केंद्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात कर उत्तराखंड की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को देखते हुए 350 मेगावाट अतिरिक्त बिजली उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा और आगामी कांवड़ यात्रा के दौरान राज्य में बिजली की मांग तेजी से बढ़ जाती है। इसे देखते हुए उन्होंने जुलाई 2026 की शेष अवधि के लिए 150 मेगावाट तथा अगस्त 2026 के लिए 200 मेगावाट अतिरिक्त बिजली केंद्रीय पूल से उपलब्ध कराने की मांग की।
बैठक में मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड की जल विद्युत परियोजनाओं, पम्प्ड स्टोरेज योजनाओं, बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (बीईएसएस) और पिटकुल की एडीबी सहायतित पारेषण परियोजनाओं पर भी विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की विशाल जल विद्युत क्षमता देश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। इसी को देखते हुए राज्य की जल विद्युत परियोजनाओं के लिए पूर्वोत्तर राज्यों की तर्ज पर विशेष वित्तीय पैकेज उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने 3,638.26 करोड़ रुपये लागत वाली पिटकुल की एडीबी सहायतित पारेषण परियोजना के लिए पूर्व निर्धारित 80:20 एडीबी ऋण एवं राज्यांश की वित्तीय व्यवस्था को यथावत बनाए रखने का भी आग्रह किया।
केंद्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने मुख्यमंत्री द्वारा उठाए गए सभी प्रस्तावों पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
बॉक्स : बीईएसएस और पम्प्ड स्टोरेज को भी बढ़ावा देने की मांग
मुख्यमंत्री ने राज्य में लगभग 10 गीगावाट पम्प्ड स्टोरेज क्षमता विकसित करने के लिए अगले पांच वर्षों में 7,800 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता अथवा वायबिलिटी गैप फंडिंग (वीजीएफ) उपलब्ध कराने का आग्रह किया। इसके अलावा ऊर्जा सुरक्षा और ग्रिड स्थिरता को मजबूत करने के लिए बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (बीईएसएस) की स्वीकृत क्षमता 500 मेगावाट आवर से बढ़ाकर 665 मेगावाट आवर करने की भी मांग रखी।
चारधाम और कांवड़ यात्रा के लिए सीएम धामी ने मांगी 350 मेगावाट अतिरिक्त बिजली
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