Dehradun, 20 august 2026। भारत और नेपाल के बीच लंबे समय से चले आ रहे सीमा संबंधी मतभेदों को सुलझाने की दिशा में दोनों देशों ने एक बार फिर बातचीत तेज कर दी है। देहरादून में गुरुवार से दोनों देशों के सचिवस्तरीय प्रतिनिधिमंडलों की दो दिवसीय वार्ता शुरू हुई। बैठक में सीमा निर्धारण से जुड़े पुराने नक्शों, ऐतिहासिक अभिलेखों और प्रशासनिक दस्तावेजों का अध्ययन कर विवादित क्षेत्रों की स्थिति स्पष्ट करने पर जोर दिया जा रहा है।
भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व गृह मंत्रालय की संयुक्त सचिव पौसुमी बसु कर रही हैं, जबकि नेपाली दल की अगुवाई गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव आनंद काफ्ले कर रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक वार्ता सौहार्दपूर्ण माहौल में चल रही है। दोनों पक्ष ऐतिहासिक तथ्यों और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर सीमा से जुड़े मुद्दों को समझने और आगे की प्रक्रिया तय करने पर विचार कर रहे हैं।
ब्रिटिशकालीन नक्शों में तलाशेंगे सीमा का आधार
वार्ता में सर्वे ऑफ इंडिया के पुराने मानचित्रों के अलावा ब्रिटिशकालीन नक्शों और अभिलेखों को भी आधार बनाया जा रहा है। इन दस्तावेजों के माध्यम से यह पता लगाने का प्रयास है कि पुराने समय में सीमा की स्थिति क्या थी और संबंधित क्षेत्रों पर किसका प्रशासनिक नियंत्रण रहा। ऐतिहासिक दस्तावेजों के तुलनात्मक अध्ययन से सीमा निर्धारण को लेकर दोनों पक्षों के दावों की पड़ताल की जा रही है।
ड्रोन सर्वे से मौजूदा स्थिति भी होगी स्पष्ट
सीमा विवाद के समाधान के लिए केवल पुराने दस्तावेजों पर निर्भर रहने के बजाय आधुनिक तकनीक का सहारा लेने पर भी चर्चा हो रही है। लखनऊ में हुई पिछली बैठक में सीमावर्ती क्षेत्रों की वास्तविक स्थिति का आकलन करने के लिए ड्रोन सर्वे और अन्य आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल पर सहमति बनी थी। देहरादून की बैठक में इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के तौर-तरीकों पर भी विचार किया जा रहा है।
खुली सीमा के साथ सुरक्षा पर भी फोकस
भारत और नेपाल के बीच खुली सीमा दोनों देशों के पारंपरिक रिश्तों की अहम विशेषता है। हालांकि, इसका फायदा उठाकर तस्करी, घुसपैठ और अन्य आपराधिक गतिविधियों की आशंका भी बनी रहती है। ऐसे में बैठक में सीमा पार अपराधों पर अंकुश लगाने, सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाने और संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी मजबूत करने के उपायों पर भी चर्चा की जा रही है। भारतीय सेना अध्यक्ष जनरल धीरज सेठ के हालिया नेपाल दौरे के बाद शुरू हुई यह सचिवस्तरीय वार्ता दोनों देशों के संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
सीमा विवाद सुलझाने को भारत-नेपाल में फिर मंथन, ऐतिहासिक नक्शों से तलाशेंगे समाधान
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