देहरादून, 19 April 2026। चारधाम यात्रा को पूरी तरह प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए उत्तराखंड सरकार ने इस बार एक बड़ा और व्यावहारिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर “मनी बैक” प्लास्टिक योजना को पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा, जो इस अभियान की सबसे अहम कड़ी बनकर उभरेगी। इस योजना के तहत श्रद्धालु और आम लोग प्लास्टिक बोतल या कचरा जमा करने पर निर्धारित राशि वापस प्राप्त कर सकेंगे, जिससे प्लास्टिक फेंकने की प्रवृत्ति पर रोक लगेगी।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि अब हर दुकान पर प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट अनिवार्य होगा। दुकानदारों को प्लास्टिक संग्रह और निस्तारण की जिम्मेदारी दी जाएगी, जिससे स्थानीय स्तर पर ही कचरे का प्रबंधन सुनिश्चित हो सके। इसके साथ ही डिजिटल डिपॉजिट रिफंड सिस्टम भी लागू किया जाएगा, जिसे जिला प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड मिलकर संचालित करेंगे।
यात्रा मार्ग पर प्लास्टिक बोतलों के उपयोग को कम करने के लिए जगह-जगह वाटर एटीएम और आरओ प्लांट स्थापित किए जाएंगे। इससे श्रद्धालुओं को साफ पेयजल आसानी से मिलेगा और सिंगल यूज प्लास्टिक पर निर्भरता घटेगी। मुख्यमंत्री ने कूड़ा फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए हैं, जिससे नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित हो सके।
तकनीक के इस्तेमाल को भी इस अभियान का मजबूत आधार बनाया गया है। चारधाम यात्रा मार्ग पर ड्रोन के जरिए कूड़ा और प्लास्टिक वेस्ट की निगरानी की जाएगी। साथ ही एक अत्याधुनिक कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित होगा, जो पूरे सिस्टम पर नजर रखेगा। QR कोड आधारित फीडबैक प्रणाली और क्विक रिस्पॉन्स टीम भी यात्रियों को त्वरित सहायता प्रदान करेंगी।
सरकार ने सफाई और अपशिष्ट प्रबंधन के लिए बड़े स्तर पर तैयारियां की हैं। यात्रा मार्ग पर 37 एमआरएफ सेंटर, 299 कम्पोस्ट पिट, 38 प्लास्टिक कम्पैक्टर मशीनें और 266 कचरा परिवहन वाहन तैनात किए गए हैं। इसके अलावा स्पेशलाइज्ड मैनपावर और बड़ी संख्या में पर्यावरण मित्रों की तैनाती की गई है, ताकि मार्ग, बाजार और घाट स्वच्छ बने रहें।
इस पहल में जनभागीदारी को भी विशेष महत्व दिया गया है। ग्राम पंचायतों, स्वयंसेवी संस्थाओं, एनसीसी कैडेट्स और महिला मंगल दलों को अभियान से जोड़ा जाएगा।
सरकार का लक्ष्य है कि चारधाम यात्रा को न केवल प्लास्टिक मुक्त बल्कि पूरी तरह स्वच्छ और सतत यात्रा मॉडल के रूप में विकसित किया जाए। “मनी बैक” योजना इस दिशा में एक गेमचेंजर साबित हो सकती है, जो पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ लोगों की भागीदारी भी सुनिश्चित करेगी।
मनी बैक” प्लास्टिक योजना से बदलेगी तस्वीर, पूरे प्रदेश में लागू होगा नया मॉडल
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