Pauri, 20 august 2026। भविष्य संवारने के लिए रोज स्कूल जाने वाले छात्र-छात्राओं की राह इन दिनों उनके लिए खतरे का सबब बनी हुई है। विकासखंड जयहरीखाल के राजकीय इंटरमीडिएट कॉलेज थल्दा जाने वाले विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों को बिसगढ़ी गदेरे को पार कर विद्यालय पहुंचना पड़ रहा है। गदेरे पर बनी डाट पुलिया करीब तीन साल से क्षतिग्रस्त है। बरसात में पानी का बहाव बढ़ते ही यहां से गुजरना जान जोखिम में डालने जैसा हो जाता है।
बिसगढ़ी गदेरे की डाट पुलिया जून 2023 में क्षतिग्रस्त हुई थी। इसके बाद विद्यार्थियों के अभिभावकों और ग्रामीणों ने श्रमदान कर किसी तरह पुलिया को आवाजाही के लायक बनाया। हालांकि, वर्ष 2024 में हुई तेज बारिश और भारी जलप्रवाह ने पुलिया को फिर पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। इसके बाद से अब तक सुरक्षित आवाजाही के लिए स्थायी व्यवस्था नहीं बन सकी है।
बारिश में बढ़ जाता है खतरा
गदेरे में पानी कम होने पर विद्यार्थी पत्थरों और असमतल रास्ते से होकर किसी तरह स्कूल पहुंच जाते हैं। लेकिन बारिश के दौरान पहाड़ों से अचानक पानी आने पर स्थिति खतरनाक हो जाती है। तेज बहाव, फिसलन और पत्थरों के बीच से होकर गुजरना विद्यार्थियों के लिए दुर्घटना का जोखिम बढ़ा देता है। छोटे बच्चों को लेकर अभिभावकों की चिंता और बढ़ जाती है।
विद्यालय के शिक्षक और कर्मचारी भी इसी असुरक्षित रास्ते से आवाजाही करने को मजबूर हैं। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों को बेहतर शिक्षा और भविष्य के लिए स्कूल भेजा जा रहा है, लेकिन विद्यालय तक पहुंचने का रास्ता ही उनकी सुरक्षा पर सवाल खड़ा कर रहा है।
शिकायत के बाद भी नहीं निकला समाधान
विद्यालय प्रशासन ने पुलिया की समस्या को लेकर शिक्षा विभाग और स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों को कई बार जानकारी दी। प्रधानाचार्य दीप्तेश सहगल के अनुसार, पुलिया क्षतिग्रस्त होने के बाद खंड शिक्षा अधिकारी जयहरीखाल समेत पंचायत के जनप्रतिनिधियों को समस्या से अवगत कराया गया था। इसके बावजूद अभी तक पुलिया के स्थायी निर्माण की दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है।
ग्रामीणों और अभिभावकों ने प्रशासन से मांग की है कि किसी हादसे के बाद कार्रवाई करने के बजाय तत्काल सुरक्षित पुलिया का निर्माण कराया जाए। उनका कहना है कि विद्यार्थियों के भविष्य की चिंता करने से पहले उनकी स्कूल तक सुरक्षित पहुंच सुनिश्चित करना जरूरी है।




