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उत्तराखंड

समूह ‘ग’ के 1.20 लाख कर्मचारियों को हर साल देना होगा संपत्ति का ब्यौरा

Web Editor
Last updated: 2026/10/04 at 4:19 PM
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समूह ‘ग’ के 1.20 लाख कर्मचारियों को हर साल देना होगा संपत्ति का ब्यौरा

पांच साल में एक बार विवरण देने की व्यवस्था खत्म, कर्मचारी आचरण नियमावली में संशोधन को कैबिनेट की मंजूरी

चंपावत, लोकसत्य। उत्तराखंड में समूह ‘ग’ के कर्मचारियों को अब हर साल अपनी चल-अचल संपत्ति का विवरण देना होगा। पहले इन कर्मचारियों के लिए पांच साल में एक बार संपत्ति का ब्यौरा देने का प्रावधान था। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में रविवार को बनबसा में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में कर्मचारी आचरण नियमावली में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। इस फैसले से प्रदेश के 1,20,108 कर्मचारी प्रभावित होंगे।सरकार के इस निर्णय के बाद समूह ‘ग’ के कर्मचारियों को भी समूह ‘क’ और ‘ख’ की तरह नियमित रूप से अपनी संपत्ति का विवरण निर्धारित प्रारूप में उपलब्ध कराना होगा। इसके तहत कर्मचारियों को प्रत्येक वर्ष अपनी चल और अचल संपत्ति की जानकारी देनी होगी। इससे कर्मचारियों की संपत्ति संबंधी जानकारी नियमित रूप से अपडेट रखने में मदद मिलेगी।

 

पांच साल के बजाय अब हर साल देनी होगी जानकारी

अब तक समूह ‘ग’ के कर्मचारियों को पांच साल में एक बार संपत्ति का विवरण देना होता था। कैबिनेट की मंजूरी के बाद यह व्यवस्था बदल जाएगी। नए नियम लागू होने पर कर्मचारियों को हर साल संपत्ति का ब्यौरा देना अनिवार्य होगा। बजट के अनुसार एक अप्रैल 2025 तक प्रदेश में समूह ‘ग’ के 1,20,108 पद भरे हुए थे। ऐसे में यह फैसला बड़ी संख्या में सरकारी कर्मचारियों पर लागू होगा।

सचिव गोपन शैलेश बगोली ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि कर्मचारी आचरण नियमावली में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।

गौरतलब है कि राज्य गठन के करीब 26 साल बाद पहली बार देहरादून और गैरसैंण से बाहर चंपावत के बनबसा में कैबिनेट बैठक आयोजित की गई। बैठक में कुल 24 प्रस्तावों पर चर्चा हुई। इनमें प्रशासनिक व्यवस्था और विभिन्न विभागों से जुड़े फैसले भी शामिल रहे।

 

अन्य फैसले भी लिए गए

कैबिनेट ने पहाड़ी क्षेत्रों के कुक्कुट पालकों को फीड पर सब्सिडी देने का निर्णय लिया। यह सहायता डीबीटी के माध्यम से लाभार्थियों के वेलफेयर अकाउंट में भेजी जाएगी। इसके अलावा पशुपालन, मत्स्य और डेयरी विकास विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा युवाओं से जुड़े प्रस्तावों पर भी निर्णय लिए गए।

बॉक्स: टीडीसी को 66.29 करोड़ रुपये

ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट पंतनगर के विस्तार के लिए उत्तराखंड सीड्स एंड तराई डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (टीडीसी) को 66.2916 करोड़ रुपये की अवशेष धनराशि जारी करने को मंजूरी दी गई। यह धनराशि कॉरपोरेशन की कार्ययोजना के अनुसार निर्माण और अन्य निर्धारित कार्यों पर खर्च होगी।

 

बॉक्स: डॉक्टरों का स्टाइपेंड बढ़ा
कैबिनेट ने सीनियर और जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। अब उन्हें करीब 75 हजार रुपये प्रतिमाह के बजाय एक लाख रुपये से अधिक स्टाइपेंड मिलेगा। इससे डॉक्टरों को कम से कम 25 हजार रुपये प्रतिमाह का लाभ होगा। डॉक्टर लंबे समय से स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग कर रहे थे।

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