Dehradun, 06 October 2026। उत्तराखंड के पूर्ण साक्षर राज्य बनने के बाद अब सरकार ने शिक्षा की गुणवत्ता और विद्यार्थियों की तकनीकी दक्षता बढ़ाने पर जोर देना शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि साक्षरता की उपलब्धि के बाद प्रदेश को शिक्षा के अगले चरण की ओर बढ़ना होगा। इसके तहत हाईस्कूल और इंटरमीडिएट स्तर के 100-100 विद्यालयों में आधुनिक प्रयोगशालाएं विकसित की जाएंगी। इस तरह कुल 200 विद्यालयों के विद्यार्थियों को प्रयोग आधारित और आधुनिक शिक्षा की सुविधाएं मिलेंगी।
मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में पूर्ण साक्षर राज्य बनने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में धामी ने कहा कि मौजूदा दौर में केवल किताबों तक सीमित शिक्षा पर्याप्त नहीं है। विद्यार्थियों को विषयों की व्यावहारिक समझ, तकनीकी ज्ञान और प्रयोग करने के अवसर भी मिलने चाहिए। आधुनिक प्रयोगशालाओं से विज्ञान समेत प्रयोगात्मक विषयों की पढ़ाई को बेहतर बनाया जा सकेगा।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड का पूर्ण साक्षर राज्य बनना प्रदेश के लिए गौरव की उपलब्धि है। यह सफलता शिक्षकों, विद्यार्थियों, नव-साक्षरों, स्वयंसेवकों और अभियान से जुड़े लोगों के सामूहिक प्रयास का परिणाम है। उत्तराखंड देश का छठा पूर्ण साक्षर राज्य बना है। इससे पहले मिजोरम, गोवा, त्रिपुरा, हिमाचल प्रदेश और सिक्किम को पूर्ण साक्षर राज्य घोषित किया जा चुका है।
धामी ने कहा कि साक्षरता को अंतिम लक्ष्य नहीं, बल्कि नई शुरुआत के रूप में देखना होगा। आज साक्षरता का दायरा पढ़ने-लिखने और हस्ताक्षर करने तक सीमित नहीं है। डिजिटल एवं वित्तीय साक्षरता, स्वास्थ्य जागरूकता और जीवनोपयोगी कौशल भी जरूरी हैं।
कार्यक्रम में विधायक सविता कपूर, अपर सचिव भारत सरकार अर्चना शर्मा अवस्थी, सचिव शिक्षा ज्योति यादव, अपर सचिव नमामि बंसल सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
500 विद्यालयों में वर्चुअल क्लासरूम
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के 500 विद्यालयों में वर्चुअल क्लासरूम और सेंट्रल स्टूडियो की व्यवस्था की जा रही है। इससे दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आधुनिक शिक्षण सामग्री उपलब्ध कराई जा सकेगी। राज्य में 189 अटल उत्कृष्ट विद्यालय संचालित हैं। नंदा गौरा योजना के तहत पात्र छात्राओं को प्रोत्साहन राशि और मुख्यमंत्री बालाश्रय योजना के तहत अनाथ बच्चों को निशुल्क शिक्षा दी जा रही है।
25 हजार स्वयंसेवकों ने दिया योगदान
शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि पूर्ण साक्षरता अभियान को सफल बनाने में करीब 25 हजार स्वयंसेवकों ने योगदान दिया। उन्होंने कहा कि अगले छह माह में राज्य को शत-प्रतिशत साक्षर बनाने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार प्रत्येक बच्चे तक शिक्षा पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। जिस गांव में एक भी बच्चा पढ़ने वाला होगा, वहां विद्यालय बंद नहीं किया जाएगा।




