देहरादून, 28 अप्रैल 2026। उत्तराखंड के सीमावर्ती क्षेत्रों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत कनेक्टिविटी देने की दिशा में राज्य सरकार ने अहम पहल की है। नई दिल्ली स्थित उत्तराखण्ड निवास में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लैंड पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष जयंत सिंह और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर सीमा क्षेत्रों में चल रही परियोजनाओं की समीक्षा की।
बैठक में चम्पावत के बनबसा (गुदमी) क्षेत्र में भारत-नेपाल सीमा पर बन रहे आधुनिक लैंड पोर्ट को एशियन हाईवे नेटवर्क से जोड़ने की योजना को प्रमुखता से उठाया गया। मुख्यमंत्री ने इसे उत्तराखंड के लिए गेमचेंजर बताते हुए कहा कि इससे राज्य सीधे अंतरराष्ट्रीय सड़क नेटवर्क से जुड़ेगा, जिससे सीमापार व्यापार, लॉजिस्टिक्स और पर्यटन गतिविधियों में तेजी आएगी।
एशियन हाईवे प्रोजेक्ट क्या है?
एशियन हाईवे नेटवर्क एशिया के देशों को जोड़ने वाली एक अंतरराष्ट्रीय सड़क प्रणाली है, जिसे संयुक्त राष्ट्र के एशिया-प्रशांत आर्थिक एवं सामाजिक आयोग (UNESCAP) के सहयोग से विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य सदस्य देशों के बीच सुगम परिवहन, व्यापार विस्तार और क्षेत्रीय आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देना है। भारत इस नेटवर्क का प्रमुख हिस्सा है, जो दक्षिण एशिया को दक्षिण-पूर्व एशिया और यूरोप तक जोड़ता है।
बैठक में पिथौरागढ़ जिले के धारचूला और झूलाघाट जैसे सीमावर्ती क्षेत्रों में व्यापारिक ढांचे को मजबूत करने, आवाजाही को सुगम बनाने और स्थानीय सुविधाओं के विस्तार पर भी विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि विकास योजनाएं स्थानीय जरूरतों को ध्यान में रखकर लागू की जाएं, ताकि क्षेत्रीय उत्पादों को बाजार मिले और लोगों की आय बढ़ सके।
उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से सीमावर्ती क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और उत्तराखंड की अंतरराष्ट्रीय पहचान भी सुदृढ़ होगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्य तय समयसीमा में और गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं।
एशियन हाईवे से कनेक्ट होगा बनबसा लैंड पोर्ट, सीमावर्ती इलाकों को मिलेगा ग्लोबल लिंक
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