देहरादून। उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद शनिवार को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित कर दी गई। पुनरीक्षण के बाद प्रदेश में आठ लाख से अधिक मतदाताओं के नाम कम हुए हैं। अंतिम सूची में कुल 71,58,949 मतदाताओं को शामिल किया गया है, जबकि एसआईआर शुरू होने से पहले प्रदेश में 79,60,762 मतदाता दर्ज थे। हालांकि, दावे-आपत्तियों के निस्तारण के दौरान 1,29,872 नए मतदाताओं के नाम सूची में जोड़े गए। अब निर्वाचन विभाग का जोर सूची से छूटे पात्र मतदाताओं को जोड़ने पर रहेगा।
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर एक जुलाई 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर चलाए गए पुनरीक्षण अभियान के बाद जारी सूची में 37,37,701 पुरुष, 34,21,036 महिला और 212 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं। प्रदेश में कुल 12,543 मतदेय स्थल निर्धारित किए गए हैं।
दावे-आपत्तियों के निस्तारण के दौरान 1,29,872 नए मतदाताओं को सूची में शामिल किया गया, जबकि नियमानुसार 1,04,708 नाम विलोपित किए गए। अंतिम मतदाता सूची में 18 से 19 वर्ष आयु वर्ग के 72,656 युवा मतदाता शामिल हैं। वहीं, 80 वर्ष से अधिक आयु के 1,22,892 मतदाता भी सूची का हिस्सा हैं। सूची जारी होने के बाद निर्वाचन विभाग अब छूटे हुए पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल करने के लिए विशेष अभियान चलाएगा। इसके तहत बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) प्री-एसआईआर मतदाता सूची का वर्तमान सूची से मिलान करेंगे। बूथवार छूटे मतदाताओं की सूची तैयार कर घर-घर जाकर उनकी वर्तमान स्थिति का सत्यापन किया जाएगा। पात्र पाए जाने वाले नागरिकों को फार्म-6 भरने में सहायता दी जाएगी।
पहली बार मतदान के पात्र बने युवाओं को भी अभियान से जोड़ा जाएगा। बीएलओ तैयार सूची मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों (बीएलए) के साथ साझा करेंगे। निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी भी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को सूची उपलब्ध कराएंगे।
इसके अलावा नाइट शेल्टर, श्रमिक बस्तियों, बेघर और हाशिए पर रहने वाले लोगों को मतदाता सूची में शामिल करने के लिए विशेष बूथ स्तरीय शिविर लगाए जाएंगे। पात्र नागरिक फार्म-6 के माध्यम से ऑनलाइन अथवा बीएलओ के जरिए ऑफलाइन आवेदन कर सकेंगे।
18 वर्ष के 72656 व 80 से ऊपर एक लाख 22 हजार
नई मतदाता सूची के अनुसार प्रदेश में 18 से 19 वर्ष आयु वर्ग के 72,656 मतदाता हैं। वहीं, 80 वर्ष से अधिक आयु के 1,22,892 मतदाता सूची में शामिल किए गए हैं।
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छूटे मतदाताओं की बूथवार सूची बनेगी
अंतिम सूची जारी होने के बाद भी पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) प्री-एसआईआर की मतदाता सूची का वर्तमान सूची से मिलान करेंगे। इसके बाद बूथवार छूटे मतदाताओं की सूची तैयार कर घर-घर जाकर उनकी वर्तमान स्थिति का सत्यापन किया जाएगा। पात्र पाए जाने वाले लोगों को फार्म-6 भरने में सहायता दी जाएगी।
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घर और श्रमिकों के लिए लगेंगे विशेष शिविर
आयोग के अनुसार नाइट शेल्टर, श्रमिक बस्तियों, बेघर और हाशिए पर रहने वाले लोगों को मतदाता सूची में शामिल करने के लिए विशेष बूथ स्तरीय शिविर लगाए जाएंगे। पात्र नागरिक फार्म-6 के माध्यम से ऑनलाइन अथवा बीएलओ के जरिए ऑफलाइन आवेदन कर सकेंगे।




