Dehradun, 05 August 2026। उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत मतदाता सूची को अद्यतन करने का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। अब तक 24 लाख नोटिसों में से लगभग 19 लाख नोटिस (77 प्रतिशत) बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) के माध्यम से मतदाताओं तक पहुंचाए जा चुके हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने बुधवार को मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि किसी भी नागरिक को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि एसआईआर के नोटिस चरण में सुनवाई की प्रक्रिया भी लगातार जारी है। मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए फॉर्म-6 के 93 हजार से अधिक, नाम हटाने के लिए फॉर्म-7 के 1.39 लाख और विवरण में संशोधन के लिए फॉर्म-8 के 40 हजार से अधिक आवेदन अब तक प्राप्त हो चुके हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि फॉर्म-7 के सभी मामलों में निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ) और सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (एईआरओ) स्तर पर सत्यापन के बाद ही नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने राजनीतिक दलों को एसआईआर की प्रगति का विस्तृत प्रस्तुतीकरण भी दिया। उन्होंने बताया कि दावे और आपत्तियों की जांच पूरी पारदर्शिता के साथ की जा रही है। एक मतदाता अधिकतम पांच मामलों में दावा या आपत्ति दर्ज करा सकता है। यदि इससे अधिक आवेदन प्राप्त होते हैं तो संबंधित ईआरओ स्वयं जांच कर निर्णय लेंगे। वहीं राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट एक दिन में अधिकतम 10 फॉर्म जमा कर सकते हैं। पुनरीक्षण अवधि में 30 से अधिक फॉर्म जमा होने पर भी ईआरओ स्तर पर विस्तृत जांच की जाएगी।
डॉ. पुरुषोत्तम ने सभी जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सामान्य विसंगतियों वाले नोटिसों का निस्तारण बीएलओ स्तर पर ही दस्तावेजों के सत्यापन के बाद कर दिया जाए, ताकि मतदाताओं को कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने यह भी कहा कि जिन मतदाताओं की मैपिंग अब तक नहीं हो पाई है, उन पर विशेष ध्यान दिया जाए और ईआरओ तथा एईआरओ स्तर पर सुनवाई कर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
बैठक में भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस, बहुजन समाज पार्टी और सीपीआई (एम) के प्रतिनिधियों ने भी एसआईआर अभियान को लेकर अपने सुझाव दिए। निर्वाचन विभाग का कहना है कि मतदाता सूची को अधिक शुद्ध, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से अभियान निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा किया जाएगा।




