Dehradun, 01 August 2026। करीब छह वर्षों के लंबे इंतजार के बाद भारत-तिब्बत व्यापार ने फिर रफ्तार पकड़ ली है। शनिवार को भारतीय व्यापारियों का पहला दल लिपुलेख दर्रा पार कर तिब्बत के तकलाकोट के लिए रवाना हुआ। सुबह लगभग 10:15 बजे 16 व्यापारियों और उनके चार सहायकों सहित कुल 20 लोगों को भारतीय अधिकारियों ने औपचारिक प्रक्रिया पूरी कर चीनी अधिकारियों को सौंपा, जिसके बाद उन्होंने तिब्बत की सीमा में प्रवेश किया।
कोरोना महामारी के चलते वर्ष 2020 से यह ऐतिहासिक सीमापार व्यापार पूरी तरह ठप था। व्यापार दोबारा शुरू होने से सीमांत क्षेत्र के व्यापारियों में उत्साह लौट आया है। पहला दल तकलाकोट पहुंचकर अपने पुराने व्यापारिक प्रतिष्ठानों और गोदामों को फिर से व्यवस्थित करेगा।
हालांकि व्यापारियों की यात्रा पहले अगस्त के दूसरे सप्ताह में प्रस्तावित थी, लेकिन तकलाकोट प्रशासन ने दुकान और गोदामों की कमी का हवाला देते हुए इसे कुछ समय के लिए टाल दिया था। बाद में तिब्बती प्रशासन की ओर से अनुमति मिलने के बाद एक अगस्त से भारतीय व्यापारियों के प्रवेश का रास्ता साफ हो गया।
पहले दल में वे व्यापारी शामिल हैं, जिनकी दुकानें और गोदाम तकलाकोट में पहले से मौजूद हैं। वर्ष 2019 के व्यापार सीजन के दौरान रखा गया उनका सामान भी अब तक वहीं सुरक्षित है। व्यापार बहाल होने से सीमांत क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा मिलने और वर्षों से प्रभावित पारंपरिक भारत-तिब्बत व्यापार को फिर गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।




