By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Himalaya Ki AwajHimalaya Ki Awaj
  • उत्तराखंड
  • करियर
  • राजनीती
  • पर्यटन
  • क्राइम
  • देश-विदेश
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्पोर्ट्स
  • स्वास्थ्य
  • वीडियो न्यूज़
Search
  • Advertise
© 2023 Himalaya Ki Awaj. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs
Reading: अरुणाचल के नक्शे में दर्ज देवभूमि का शूरवीर जसवंत
Share
Notification Show More
Latest News
जनसमस्याओं पर सीएम धामी सख्त, बोले- गंभीरता से लें अफसर
उत्तराखंड
अब पराली से बनेंगी सड़कें, कोलतार पर घटेगी निर्भरता
उत्तराखंड
अरुणाचल के नक्शे में दर्ज देवभूमि का शूरवीर जसवंत
उत्तराखंड
सौर ऊर्जा में उत्तराखंड की बड़ी छलांग
उत्तराखंड
नीति घाटी में तमक नाले का रौद्र रूप, वैली ब्रिज क्षतिग्रस्त, चीन सीमा से टूटा संपर्क
उत्तराखंड
Aa
Himalaya Ki AwajHimalaya Ki Awaj
Aa
  • पर्यटन
  • राजनीती
Search
  • उत्तराखंड
  • करियर
  • राजनीती
  • पर्यटन
Follow US
  • Advertise
© 2023 Himalaya Ki Awaj. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs
Himalaya Ki Awaj > Blog > उत्तराखंड > अरुणाचल के नक्शे में दर्ज देवभूमि का शूरवीर जसवंत
उत्तराखंड

अरुणाचल के नक्शे में दर्ज देवभूमि का शूरवीर जसवंत

Web Editor
Last updated: 2026/08/11 at 4:51 PM
Web Editor
Share
4 Min Read
SHARE

Dehradun, 11 August 2026। भारत-चीन युद्ध में अदम्य साहस का परिचय देने वाले उत्तराखंड के वीर सपूत राइफलमैन जसवंत सिंह की शौर्यगाथा को अब अरुणाचल प्रदेश के आधिकारिक मानचित्र में भी जगह मिल गई है। तवांग क्षेत्र में स्थित जसवंतगढ़ वार मेमोरियल उन 27 स्थानों में शामिल है, जिनके मानक नाम केंद्र सरकार ने निर्धारित किए हैं। इन नामों को सर्वे ऑफ इंडिया के आधिकारिक मानचित्र में दर्ज किया जाएगा। इसे अरुणाचल प्रदेश के क्षेत्रों के नाम बदलने की चीन की कोशिशों के जवाब के तौर पर देखा जा रहा है।
केंद्रीय गृह मंत्रालय के अनुसार अरुणाचल प्रदेश सरकार से परामर्श के बाद राज्य के 27 स्थानों के नामों को अंतिम रूप दिया गया है। इनमें सीमावर्ती गांव, पर्वतीय दर्रे, झील और ऐतिहासिक महत्व वाले स्थल शामिल हैं। आधिकारिक मानचित्र में इन स्थानों को भारतीय नामों से दर्ज किए जाने से सीमावर्ती क्षेत्रों की भौगोलिक और प्रशासनिक पहचान और स्पष्ट होगी।
चीन लंबे समय से अरुणाचल प्रदेश के विभिन्न स्थानों के लिए अपने नाम जारी करता रहा है। वह पूरे अरुणाचल प्रदेश पर भी दावा करता है और इसे ‘दक्षिण तिब्बत’ कहता है। भारत उसके इन दावों को लगातार खारिज करता रहा है। ऐसे में भारतीय मानचित्र पर इन स्थानों के आधिकारिक नाम दर्ज करना देश की संप्रभुता और क्षेत्रीय दावे को स्पष्ट रूप से रेखांकित करता है।
नए नामों में अपर सुबनसिरी जिले के लोंगजू, माजा और बिसा जैसे रणनीतिक महत्व वाले क्षेत्र शामिल हैं। इसके साथ ही मैकमोहन लाइन के आसपास स्थित डो ला, रिजा ला और पुकर ला जैसे पर्वतीय दर्रों तथा अंजॉ जिले की सांबो सरोवर जैसी भौगोलिक विशेषताओं को भी मानकीकृत नाम दिए गए हैं।
सीमा की विरासत को भी मिली पहचान
अरुणाचल प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों में भारत सरकार बुनियादी ढांचे, सड़क और संपर्क सुविधाओं के विस्तार के साथ सीमावर्ती गांवों को मजबूत करने पर भी जोर दे रही है। ऐसे समय में जसवंतगढ़ जैसे स्मारक को आधिकारिक मानचित्र में स्थान मिलना केवल भौगोलिक पहचान का विषय नहीं है। यह उन सैनिकों की विरासत को भी सामने लाता है, जिन्होंने देश की सीमाओं की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया।
नूरानांग के अमर नायक थे जसवंत सिंह
पौड़ी गढ़वाल की चौथान पट्टी के बरयूं गांव में वर्ष 1941 में जन्मे राइफलमैन जसवंत सिंह वर्ष 1960 में गढ़वाल राइफल्स में भर्ती हुए थे। वर्ष 1962 के भारत-चीन युद्ध के दौरान उनकी तैनाती तवांग क्षेत्र में थी। नूरानांग की लड़ाई में उन्होंने अद्भुत साहस का प्रदर्शन करते हुए विषम परिस्थितियों में चीनी सैनिकों का मुकाबला किया। मोर्चे पर उनका अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान आज भी भारतीय सैनिकों के लिए प्रेरणा है।
उनकी वीरता के सम्मान में उन्हें महावीर चक्र से सम्मानित किया गया। तवांग में उनकी स्मृति में बनाया गया जसवंतगढ़ वार मेमोरियल आज भारतीय सैन्य इतिहास और सीमा सुरक्षा की गौरवशाली विरासत का प्रतीक है। अब आधिकारिक मानचित्र में इसका नाम दर्ज होना उत्तराखंड के इस वीर सपूत की शौर्यगाथा को देश की भौगोलिक पहचान से भी जोड़ता है।

You Might Also Like

जनसमस्याओं पर सीएम धामी सख्त, बोले- गंभीरता से लें अफसर

अब पराली से बनेंगी सड़कें, कोलतार पर घटेगी निर्भरता

सौर ऊर्जा में उत्तराखंड की बड़ी छलांग

नीति घाटी में तमक नाले का रौद्र रूप, वैली ब्रिज क्षतिग्रस्त, चीन सीमा से टूटा संपर्क

युवाओं की आवाज को मिलेगा नीति-निर्माण में स्थान : धामी

TAGGED: Jaswantgarh Memorial Gets Official Place on Arunachal Map
Web Editor August 11, 2026
Share this Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Share
Previous Article सौर ऊर्जा में उत्तराखंड की बड़ी छलांग
Next Article अब पराली से बनेंगी सड़कें, कोलतार पर घटेगी निर्भरता
Leave a comment Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

https://himalayakiawaj.com/wp-content/uploads/2026/02/WhatsApp-Video-2025-04-22-at-7.39.16-PM-1.mp4
https://himalayakiawaj.com/wp-content/uploads/2026/02/WhatsApp-Video-2025-04-22-at-7.39.16-PM.mp4

Stay Connected

100 Followers Like
100 Followers Follow
100 Followers Follow
100 Subscribers Subscribe
4.4k Followers Follow
- Advertisement -
Ad imageAd image

Latest News

जनसमस्याओं पर सीएम धामी सख्त, बोले- गंभीरता से लें अफसर
उत्तराखंड August 11, 2026
अब पराली से बनेंगी सड़कें, कोलतार पर घटेगी निर्भरता
उत्तराखंड August 11, 2026
अरुणाचल के नक्शे में दर्ज देवभूमि का शूरवीर जसवंत
उत्तराखंड August 11, 2026
सौर ऊर्जा में उत्तराखंड की बड़ी छलांग
उत्तराखंड August 10, 2026

Recent Posts

  • जनसमस्याओं पर सीएम धामी सख्त, बोले- गंभीरता से लें अफसर
  • अब पराली से बनेंगी सड़कें, कोलतार पर घटेगी निर्भरता
  • अरुणाचल के नक्शे में दर्ज देवभूमि का शूरवीर जसवंत
  • सौर ऊर्जा में उत्तराखंड की बड़ी छलांग
  • नीति घाटी में तमक नाले का रौद्र रूप, वैली ब्रिज क्षतिग्रस्त, चीन सीमा से टूटा संपर्क

साथियों, ये है हिमालय की आवाज. आप सोच रहे होंगे कि इतने पोर्टल के बीच एक और पोर्टल. इसमें क्या अलग है. यूं तो इसमें भी खबर ही होंगी, लेकिन साथ ही होगी हिमालय की आवाज यानी अपनी माटी, अपने गांव गली और चौक की बात. जल-जंगल और जमीन की बात भी. पहाड़ के विकास के लिए हम दमदार आवाज बनेंगे. आप सभी शुभचिंतकों के सहयोग का आकांक्षी. : किरण शर्मा, संस्‍थापक

Most Viewed Posts

  • मक्‍की की वजह से पर्यटन के नक्‍शे पर आया यह गांव (6,897)
  • राज्य में 12 पी माइनस थ्री पोलिंग स्टेशन बनाए गए (6,749)
  • टिहरी राजपरिवार के पास 200 करोड से अधिक की संपत्ति (5,233)
  • कम मतदान प्रतिशत वाले बूथों पर जनजागरूकता में जुटा चुनाव आयोग (5,132)
  • प्रधानमंत्री माेदी और गृह मंत्री शाह जल्‍द आएंगे उत्‍तराखंड (4,952)
Himalaya Ki AwajHimalaya Ki Awaj
Follow US

© 2023 Himalaya Ki Awaj. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?