Dehradun, 24 May 2026। Shri Mahant Indiresh Hospital में अब थायरॉयड मरीजों के लिए बिना निशान वाली आधुनिक सर्जरी की सुविधा उपलब्ध हो गई है। विश्व थायरॉयड दिवस के अवसर पर अस्पताल के विशेषज्ञों ने बताया कि नई तकनीक के जरिए अब गले पर बड़ा चीरा लगाए बिना थायरॉयड की सर्जरी की जा रही है, जिससे मरीजों को बेहतर कॉस्मेटिक परिणाम और तेजी से रिकवरी मिल रही है।
अस्पताल के कैंसर विभागाध्यक्ष डॉ. पंकज गर्ग ने बताया कि पहले थायरॉयड ऑपरेशन के बाद मरीजों की गर्दन पर स्थायी निशान रह जाता था, लेकिन अब “स्कारलेस थायरॉयडेक्टॉमी” और “मिनिमली इनवेसिव थायरॉयड सर्जरी” जैसी आधुनिक तकनीकों से यह समस्या काफी हद तक दूर हो गई है। इस प्रक्रिया में एंडोस्कोपिक तकनीक का उपयोग कर बिना बड़े चीरे के थायरॉयड की गांठ निकाली जाती है।
हेड-नेक ऑन्को सर्जन डॉ. पल्लवी कौल ने बताया कि अस्पताल में यह सुविधा नियमित रूप से उपलब्ध है और कई मरीजों की सफल सर्जरी की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि थायरॉयड की गांठ, शुरुआती थायरॉयड कैंसर और अन्य कुछ थायरॉयड रोगों में यह तकनीक सुरक्षित और प्रभावी साबित हो रही है। चयनित मरीजों में इसके बेहद अच्छे परिणाम देखने को मिले हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार इस आधुनिक सर्जरी के कई फायदे हैं। इसमें कम दर्द होता है, रक्तस्राव कम होता है और मरीज जल्दी सामान्य जीवन में लौट पाता है। साथ ही अस्पताल में भर्ती रहने की अवधि भी कम हो जाती है।
डॉक्टरों ने बताया कि महिलाओं और युवाओं में थायरॉयड रोग तेजी से बढ़ रहे हैं। गले में गांठ, सूजन, आवाज में बदलाव या निगलने में दिक्कत जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर जांच और विशेषज्ञ परामर्श से इन बीमारियों का सफल उपचार संभव है।
अस्पताल के चेयरमैन श्रीमहंत देवेंद्र दास जी ने कहा कि मरीजों को आधुनिक और सुरक्षित चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए अस्पताल लगातार नई तकनीकों को अपनाने का कार्य कर रहा है।
अब बिना निशान होगी थायरॉयड सर्जरी, श्री महंत इंदिरेश अस्पताल में शुरू हुई आधुनिक सुविधा
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