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केदारनाथ पैदल मार्ग पर मलबे में दबा मिला हरियाणा के युवक का शव, अब तक तीन की मौत

Web Editor
Last updated: 2024/08/06 at 2:33 AM
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देहरादून: केदारनाथ धाम क्षेत्र में बादल फटने से मची तबाही और जगह-जगह फंसे तीर्थयात्रियों और अन्य लोगों को रेस्क्यू करने का काम युद्ध स्तर पर जारी है। लापता यात्रियों की खोजबीन के लिए चलाए जा रहे वृहद अभियान में सोमवार को गौरीकुंड और केदारनाथ के मध्य मलबे में दबे एक व्यक्ति का शव मिला है। जिसकी पहचान गौतम निवासी जगाधरी, यमुनानगर (हरियाणा) के रूप में की गई है। अब तक यात्रा मार्ग पर 03 व्यक्तियों के शव बरामद किए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर राहत एवं बचाव कार्यों को गति देने के साथ ही यात्रा मार्ग को दुरुस्त करने के लिए सोमवार को शासन के आला अधिकारियों ने आपदाग्रस्त क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण किया। इस दौरान सचिव लोनिवि पंकज पांडे, मंडलायुक्त गढ़वाल विनय शंकर पांडे और आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने गौरीकुंड और गौरीकुंड से केदारनाथ के बीच क्षतिग्रस्त मार्गों का स्थलीय निरीक्षण भी किया।

निरीक्षण के दौरान सोनप्रयाग से गौरीकुंड के बीच वाशआउट सड़क मार्ग को पुनर्स्थापित करने के लिए प्राथमिकता से प्लानिंग तैयार कर अविलंब कार्य शुरू करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के बाद उच्च अधिकारियों ने पैदल यात्रा को 07 दिन में सुचारू करने को लेकर अधिकारियों के साथ विस्तृत कार्ययोजना पर चर्चा की। इसके लिए अनिवार्य पुनर्निमाण कार्यों का एस्टीमेट तैयार कर 2 से 3 दिनों के भीतर कार्य शुरू करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने सड़क एवं पैदल मार्गों का त्वरित गति से निर्माण करने के लिए हर साइट पर अलग ठेकेदार को काम दीने को कहा। हर साइट पर एक एई और एक जेई तैनात किया जाए। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि गौरीकुंड के समीप मौजूद घोड़ा पड़ाव के पास करीब 15 मीटर हिस्सा वाशआउट हो गया है, इसके अलावा जंगलचट्टी में 60 मीटर हिसा वाशआउट है। उक्त दोनों साइट्स पर कार्य करना सबसे ज्यादा चुनौतीपूर्ण रहेगा, इन्हें मिलाकर कुल 29 साइट्स पर कार्य किया जाना है।

अधिकारियों के मुताबिक केदारनाथ मार्ग में लगातार घने बादल छाए रहने से रेस्क्यू कार्य में व्यवधान उत्पन्न हो रहा है, लेकिन आज दिनांक 05.08.2024 को सुबह मौसम साफ रहने के कारण भारतीय वायुसेना द्वारा उपलब्ध कराए गए चिनूक हैलीकॉप्टर द्वारा 02 चक्कर लगाकर 65 यात्रियों, MI-17 हैलीकॉप्टर द्वारा 03 चक्कर लगाकर 61 यात्रियों तथा स्टेट हैली द्वारा 10 यात्रियों को, इस प्रकार सोमवार को कुल 136 यात्रियों का रेस्क्यू किया गया है। जिसमें बीमार, बुजुर्ग व महिलाएं शामिल हैं। इसके अलावा दिनांक 05.08.2024 को लगभग 509 लोगों को केदारनाथ जी से लिंचौली तक पैदल लाकर लिंचौली से इनको हैलीकॉप्टर के माध्यम से चारधाम हैलीपेड, सिरसी हैलीपेड आदि स्थानों पर पहुंचाया गया है। इसके अलावा गौरीकुंड से सोनप्रयाग होते हुए 584 तथा चौमासी के रास्ते 172 यात्रियों को निकाला गया। इस प्रकार कुल 1401 यात्रियों का रेस्क्यू किया गया। पांच अगस्‍त की शाम तक केदारनाथ धाम से 274 लोगों को लिंचौली और भीमबली से 2918 लोगों को तथा चीड़बासा (गौरीकुण्ड) से 75 लोगों को इस प्रकार कुल 3267 लोगों को एयरलिफट किया गया है तथा गुप्तकाशी, चारधाम हैलीपेड, गौचर हेलीपेड, सिरसी हैलीपेड आदि स्थानों पर लाया गया है। भीमबली तथा लिंचौली से पैदल मार्ग से अब तक कुल 739 लोगों को चौमासी कालीमठ तक लाया गया है। गौरीकुंड से सोनप्रयाग तक कुल 7769 लोगों को वापस लाया गया है। कुल मिलाकर 05.08.2024 की शाम 05:00 बजे तक कुल 11,775 लोगों को सुरक्षित वापस लाया जा चुका है। वर्तमान में गौरीकुंड से सभी को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया है। गौरीकुण्ड में कोई भी यात्री शेष नहीं है। वर्तमान में यहाँ पर रहने वाले स्थानीय निवासीगण, दुकानदार, डोली पालकी संचालक, घोड़े खच्चर संचालक आदि रह रहे हैं। वर्तमान में भीमबली तथा लिचीली से भी अधिकांश यात्रियों को सकुशल रेस्क्यू कर लिया गया है। वर्तमान में लिंचोली में कोई यात्री शेष नहीं है। वर्तमान में केदारनाथ धाम में लगभग 50 यात्री स्वेच्छा से रुके हुए हैं। केदारनाथ धाम में लगभग 50 लोगों के अलावा तीर्थ पुरोहित, स्थानीय दुकानदार और स्थानीय निवासी ही रह रहे हैं।

सैकड़ों कुंतल राशन और अन्य खाद्य सामग्री का किया प्रबंध
इन सभी स्थानों पर खाद्य सामग्री की पर्याप्त व्यवस्था की जा रही है। सोनप्रयाग में अभी तक 12600 खाने के पैकेट, 10570 पानी की बोतल, 1000 फ्रूटी, 1000 बिस्किट के पैकेट वितरित किए गए हैं तथा 1198 लोगों को लंच तथा 250 लोगों को डिनर की व्यवस्था कराई गई है। सिरसी में 3200 खाने के पैकेट तथा 12860 पानी की बोतल और मुनकटिया गौरीकुंड चास्वाम हैलीपैड चौमासी केदारनाथ हैलीपेड पर अब तक लगभग 18850 खाने के पैकेट तथा 27930 पानी की बोतल वितरित की गई है। वर्तमान में केदारनाथ जी में 15 से अधिक दिनों हेतु खाद्य सामग्री उपलब्ध है, मीमबली में 7 कुंतल चावल, 250 कुंतल आटा, 250 कुंतल दाल 07 Kg चायपत्ती पर्याप्त, मात्रा में पानी की बोतल, मसालें, ड्राईफूट आदि सामग्री को 02.08.2024 से 03.08.2024 तक हैलीकॉप्टर की मदद से पहुंचाया जा चुका है। इसी प्रकार चौमासी में दिनाँक 03.08.2024 को 50 Kg आटा 50 Kg चावल, 50 Kg आलू 5 Kg नमक, 10 Kg नमक, 10 Kg तेल. 10 Kg दाल, 30 Kg चीनी 888 पानी की बोतल तथा अन्य सामग्री पहुंचाई जा चुकी है।

राहत एवं बचाव के लिए बढ़ाई जा रही मानव शक्ति
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश के क्रम में खोज-बचाव तथा राहत कार्यों में मानव शक्ति बढ़ायी गई है। दिनांक 03.08.2024 तक खोज व बचाव तथा राहत कार्य में कुल 882 लोग कार्य कर रहे थे। दिनांक 04.08.2024 को इसमें और 278 लोगों को बढ़ाया गया है। दिनांक 04.06 2024 को खोज-बचाव तथा राहत कार्य में कुल 1180 लोग कार्य कर रहे हैं। जिन लोगों से उनके परिजनों का संपर्क नहीं हो पा रहा है, उनकी खोजबीन हेतु पूरी ताकत लगाई जा रही है।

दूरसंचार सेवा ठप हुई तो व्हाट्सएप कॉलिंग की सुविधा दी गई
दिनांक 31.08.2024 को हुई अतिवृष्टि के कारण केदारनाथ, गौरीकुंड पैदल यात्रा मार्ग पर दूरसंचार सेवाएं बाधित हुई थी तथा इस कारण कुछ लोगों द्वारा इस बारे में कई तरह की आशंकाएं व्यक्त की जा रही थी। दिनांक 02.08. 2024 को केदारनाथ जी में Whatsapp के माध्यम से कॉल करने की सुविधा दी गई है। दिनांक 03.08.2024 को गौरीकुण्ड में BSNL की दूरसंचार सेवा बहाल कर दी गई है। जिन लोगों से संपर्क नहीं होने की बात की जा रही थी, पुलिस द्वारा ऐसे लोगों से संपर्क करने का प्रयास किया गया। दिनांक 03.08.2024 को पुलिस द्वारा प्रयास किए जाने पर अधिकतर लोगों से संपर्क हो गया है। पुलिस द्वारा लगातार अन्य लोगों से संपर्क करने का प्रयास किया जा रहा है।

शुरू की गई हेल्पलाइन सेवा, अपनों के लिए करें कॉल
यदि किसी व्यक्ति का यात्रा करने वाले उसके परिजनों से संपर्क नहीं हो पाया है वह जिला प्रशासन तथा पुलिस प्रशासन द्वारा इस हेतु जारी किये गये दूरभाष नम्बरों पर संपर्क सम्पर्क कर अपने परिजनों के बारे में जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

स्निफर डॉग की ली जा रही है मदद
जिनके परिजनों से संपर्क नहीं हो पा रहा है। ऐसे सभी लोगों को कॉल कर जानकारी जुटाई जा रही है। जिसके क्रम में संपर्क हो भी रहा है। फिर भी एहतियात के तौर पर मार्ग पर वृहद स्तर पर खोजबीन की जा रही है। खोज-बचाव कार्य में NDRF, SDRF, पुलिस प्रशासन तथा यात्रा मैनेजमेंट टास्कफोर्स के लोगों को लगाया गया है। इनके द्वारा लगातार खोजबीन की जा रही है। इस कार्य हेतु स्निपर डॉग की भी मदद ली जा रही है।

सोनप्रयाग में वैली ब्रिज बनाने को सेना की मदद
सोनप्रयाग में शटल ब्रिज क्षतिग्रस्त हो गया है। मुख्यमंत्री ने इस कार्य हेतु सेना की भी मदद लेने के निर्देश दिए थे। 04.08.2024 से सेना के 141 जवान सोनप्रयाग में ट्राली लगाए जाने के काम मे जुट गए हैं। सोनप्रयाग में ट्राली लगाने के लिए सेना के साथ-साथ NDRF, SDRF का भी सहयोग लिया जा रहा है। शीघ्र ही संबंधित स्थल पर वैली ब्रिज तैयार किया जाएगा।

पशुओं की भी न करें अनदेखी: मुख्यमंत्री
आपदा की इस घड़ी में मुख्यमंत्री धामी का पशु प्रेम की सामने आया है। मुख्यमंत्री के निर्देश के क्रम में पूरे केदारनाथ धाम यात्रामार्ग पर घोड़े तथा खच्चरों हेतु पर्याप्त मात्रा में चारा चना, गुड़ आदि उपलब्ध कराया जा रहा है। हेलीकॉप्टर से भी पशुओं हेतु चारा आदि भेजा गया है। पशु चिकित्सा विभाग की 7 टीमें यात्रा मार्ग पर विभिन्न स्थानों पर भेजी गई हैं। जो पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण कर रही है तथा आवश्यकतानुसार पशुओं का इलाज आदि कर रही है।

स्वास्थ्य परीक्षण भी की व्यवस्था
सचिव आपदा प्रबंधन वीके सुमन के अनुसार रेस्क्यू के दौरान तथा रेस्क्यू के बाद व्यक्तियों का स्वास्थ्य परीक्षण किए जाने की व्यवस्था की गई है। ताकि किसी भी यात्री को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर समय पर समुचित इलाज किया जा सके।वर्तमान में चारधाम यात्रा मार्ग पर तथा केदारनाथ धाम में स्थिति सामान्य है। यात्रामार्ग पर तथा केदारनाथ धाम में सभी लोग पूरी तरह से सुरक्षित हैं । राहत एवं बचाव कार्य पूरी क्षमता के साथ किया जा रहा है।

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