Kedarnath, 23 April 2026: चारधाम यात्रा 2026 के शुभारंभ के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रद्धालुओं के लिए पांच “मूल मंत्र” दिए हैं, जिनका उद्देश्य यात्रा को आध्यात्मिक, अनुशासित और पर्यावरण के अनुकूल बनाना है। इस बार इन मंत्रों में एक नया और महत्वपूर्ण संदेश भी जोड़ा गया है—मोबाइल फोन का ‘उपवास’, ताकि श्रद्धालु पूरी तरह भक्ति और ध्यान में लीन हो सकें।
प्रधानमंत्री के ये पांच मूल मंत्र इस प्रकार हैं—
1. स्वच्छता सर्वोपरि:
यात्रा के दौरान स्वच्छता बनाए रखना हर श्रद्धालु का कर्तव्य है। नदियों को प्रदूषित न करें, सिंगल यूज प्लास्टिक से बचें और कचरे का सही निस्तारण करें।
2. प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता:
हिमालय की नाजुक पारिस्थितिकी का सम्मान करें। “एक पेड़ मां के नाम” जैसे अभियानों से जुड़कर पर्यावरण संरक्षण में योगदान दें।
3. सेवा और सहयोग का भाव:
यात्रा के दौरान जरूरतमंदों की मदद करें और सहयोग की भावना बनाए रखें, जिससे यात्रा सामूहिक आस्था का प्रतीक बने।
4. वोकल फॉर लोकल:
स्थानीय उत्पादों और सेवाओं को अपनाकर क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करें। स्थानीय हस्तशिल्प और वस्तुओं को प्राथमिकता दें।
5. अनुशासन, मर्यादा और ‘मोबाइल उपवास’:
यात्रा के नियमों का पालन करें और धार्मिक मर्यादाओं का सम्मान करें। साथ ही, मंदिर परिसर में मोबाइल फोन के उपयोग से दूरी बनाकर ‘डिजिटल डिटॉक्स’ अपनाएं, ताकि ध्यान केवल भगवान की भक्ति पर केंद्रित रहे। केदारनाथ धाम में 70 मीटर दायरे में मोबाइल प्रतिबंध इसी दिशा में एक अहम कदम है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा केवल दर्शन नहीं, बल्कि आत्मिक ऊर्जा और सांस्कृतिक जुड़ाव का अवसर है। इन मूल मंत्रों का पालन कर श्रद्धालु न केवल अपनी यात्रा को सफल बना सकते हैं, बल्कि उत्तराखंड की पवित्रता और प्राकृतिक सौंदर्य को भी संरक्षित रख सकते हैं।
प्रशासन और मंदिर समितियां भी इन सिद्धांतों के अनुरूप व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर रही हैं, ताकि हर श्रद्धालु को सुरक्षित, सहज और दिव्य अनुभव प्राप्त हो सके।




